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विवाद के बीच अपने बयान पर कायम नंदी

विवाद के बीच अपने बयान पर कायम नंदी

नई दिल्ली. 28 जनवरी 2013. बीबीसी

ashish nandy


समाजशास्त्री आशीष नंदी के पिछड़ों और दलितों के बारे में दिए गए बयान के बाद उनके ख़िलाफ मामला दर्ज हुआ है और अब जयपुर से लौट गए हैं लेकिन यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. हालांकि आशीष नंदी ने अपने बयान पर बात साफ की है लेकिन अभी भी कई हलकों में उनके विरोध के स्वर साफ सुनाई पड़ रहे हैं.

अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के प्रमुख पीएल पुनिया ने कहा है कि आशीष नंदी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए. टीवी चैनल सीएनएन आईबीएन से बातचीत में पुनिया ने कहा, '' आशीष नंदी के बयान को समझा गया है. उन्होंने गलत बात कही है वो अपराधी हैं. मुझे आश्चर्य है कि राजस्थान सरकार ने क्यों कार्रवाई नहीं की. उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए.''

इस बीच आशीष नंदी ने इसी चैनल के साथ बातचीत में कहा कि उन्होंने दलितों और आदिवासियों के हित की बात की है और आजीवन उनके लिए काम किया है.

अपने कथित विवादास्पद बयान के बारे में भी उन्होंने एक बार फिर स्पष्ट किया कि ''भ्रष्टाचार के मामले में अधिक अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग अधिक लोग लिप्त मिल रहे हैं उससे ये ही समझ में आता है कि वो भ्रष्टाचार में भी बाकी लोगों से बराबरी कर रहे हैं. और इसके साथ ही ये भी ध्यान रखना चाहिए कि ऊंची जाति के लोगों के पास अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के रास्ते बढ़ गए हैं.''

यह पूछे जाने पर कि उनके बयान को अलग से देखे जाने पर क्या ये विवादास्पद नहीं लगता तो नंदी का कहना था, '' मैं किसी संसद में नहीं बोल रहा था. मैं किसी अदालत में नहीं बोल रहा था. मैं एक पब्लिक फोरम पर बोल रहा था. पूरी बात को देखना चाहिए. मैंने जो बात कही है वो पहले भी और लोग कह चुके हैं. शेखर गुप्ता यही बात कह चुके हैं..कई लोग ये बात कह चुके हैं.'' आशीष नंदी ने कहा कि उन्होंने जो बात कही है उस पर कायम हैं लेकिन उन लोगों से माफी चाहेंगे जिन्हें इस बात से दुख हुआ है.

यह पूछे जाने पर कि क्या आने वाले दिनों में वो अपनी राय बदलेंगे या कुछ कहते समय ध्यान रखेंगे तो उन्होंने कहा, ''मैं यही कह सकता हूं कि मैं अब शायद उन लोगों के सामने अपनी बात नहीं रख सकूंगा जो असहिष्णु समाज है. मैंने चीन में भी इसी तरह की बातें कही हैं ये जानते हुए कि लोग इसका बुरा मान लेंगे. मैं 75 का हूं और अपने तरीके नहीं बदल सकता इसलिए मैं उन लोगों से माफी चाहूंगा जिन्हें मेरे विचारों के बारे में टीवी से पता चला जिसमें एक बयान दिखाया गया होगा पूरा परिप्रेक्ष्य नहीं था. मैं आगे से शायद असहिष्णु समाज पर नहीं बोल सकूंगा. ''

उधर दलित विचार कांचा इलिया ने कहा है कि आशीष नंदी का बयान गलत भले ही हो लेकिन उनकी मंशा सही है और वो लगातार दलितों के लिए काम करते रहे हैं. जयपुर में ही कांचा इलिया ने एक बयान देते हुए कहा कि आशीष नंदी ने आरक्षण का समर्थन किया है और वो लगातार दलितों का समर्थन करते रहे हैं इसलिए मैं अपने भाई बहनों से अपील करुंगा कि वो नंदी के खिलाफ विरोध बंद करें.

 

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

देवेन्द्र कुमार पाठक 'महरूम' [devendra.mahroom@gmail.com] कटनी ,मध्यप्रदेश - 2013-01-29 10:54:34

 
  `मीठा-मीठा हप्प, कड़वा कड़वा थू` यह उक्ति आशीष नंदी जैसे दलित पिछड़ोँ के हितुए पर खरी उतरी है.  
   
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