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अनुमानित विकास दर घटी

अनुमानित विकास दर घटी

नई दिल्ली. 1 फरवरी 2013


केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2011-12 की अनुमानित आर्थिक विकास दर को घटाते हुए 6.2 फीसदी कर दिया है, इससे पहले इस दर को 6.5 फीसदी रखा गया था. केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी किए गए संशोधित आँकडों के अनुसार वित्त वर्ष 2010-11 में देश की आर्थिक विकास दर 9.3 फीसदी रही जिसके पहले 8.4 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया था. इन आँकड़ों के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर अनुमान से बेहतर रही थी जबकि इस वित्त वर्ष की अनुमानित दर को संशोधित कर नकारात्मक कर दिया गया है.

सांख्यिकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के तहत आने वाले केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने 2011-12 के पहले संशांधित अनुमान के साथ साथ 2010-11 का दूसरा और 2009-10 का तीसरा संशोधित अनुमान भी जारी किया है. इन अनुमानों के अनुसार देश का कुल सकल घरेलू उत्पादन (जीडीपी) 2011-12 के लिए (2004-05) के स्थिर मूल्य की फैक्टर लागत पर 52,43,582 करोड़ रुपये मूल्यांकित है, जो 2010-11 के लिए मूल्यांकित 49,37,006 करोड़ रुपये से 6.2 फीसदी अधिक है यानी जीडीपी में बढ़ोत्तरी अनुमानित है.

सीएसओ ने इन आँकड़ों को जारी करते हुए कहा कि यदि वर्तमान मूल्य के आधार पर देखें तो 2011-12 का सकल घरेलू उत्पाद 15 फीसद बढ़कर 83,53,495 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है. सीएसओ के अनुसार स्थिर मूल्य (2004.05 में घोषित मूल्यों के आधार पर) 2011-12 में प्रति व्यक्ति वास्तवित आय 4.7 फीसदी बढ़कर 38,037 रुपए रही जबकि 2010-11 में यह 36,342 रुपए थी. 2010-11 में वास्तविक आय में वृद्धि 7.2 फीसदी हुई थी.

इन आँकड़ों के बारे में सीएसओ ने कहा कि 'वित्तीय, बीमा, रियल एस्टेट, कारोबारी सेवा, परिवहन, भंडारण और संचार, बिजली, गैस और जलापूर्ति और व्यापार, होटल तथा रेस्तरां जैसे सेक्टरों में हुए आर्थिक विकास के कारण 2011-12 में जीडीपी विकास दर 6.2 फीसदी दर्ज की गई.