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यौन प्रताड़ना अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी

यौन प्रताड़ना अध्यादेश को राष्ट्रपति की मंजूरी

दिल्ली. 3 फरवरी 2013

यौन प्रताड़ना


यौन प्रताड़ना और बलात्कार को दोषियों को कड़ी सजा से संबंधित अध्यादेश को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने के दो दिन बाद आज राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इसे मंजूरी दे दी. इस अध्यादेश में बलात्कार के बाद अगर पीड़ित महिला की मौत हो जाती है तो दोषी व्यक्ति को मौत की सजा दी जा सकती है. गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रपति ने आपराधिक कानून (संशोधन) अध्यादेश 2013 को मंजूरी दे दी है. अध्यादेश को दो दिन पहले ही केंद्रीय मंत्रीमंडल ने पारित किया था.

हालांकि इस अध्यादेश में केंद्रीय मंत्रीमंडल ने न्यायमूर्ति जेएस वर्मा की समिति द्वारा सुझाये गये कई मुद्दों पर सिफारिशों पर चुप्पी साध ली. वैवाहिक बलात्कार और विवादास्पद आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल पावर्स एक्ट को लेकर मंत्रीमंडल ने कोई भी निर्णय नहीं लिया. इसी तरह यौन अपराधों का सामना कर रहे राजनेताओं को चुनाव लड़ने से रोकने संबंधी वर्मा आयोग की सिफारिश पर भी मनमोहन सिंह की सरकार मौन रही.

न्यायमूर्ति जेएस वर्मा ने अपनी सिफारिशों में कहा था कि कश्मीर और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में तैनात सैनिक, पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लोग अगर यौन अपराध करते हैं तो उन पर आम अदालत में मुकदमा चलाया जाए और विशेष कानून के तहत उनका बचाव न किया जाए. लेकिन इस मामले में भी केंद्रीय मंत्रीमंडल ने कोई बात नहीं कही.


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