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सीएजी लक्ष्मण रेखा में रहे-मनीष तिवारी

सीएजी लक्ष्मण रेखा में रहे-मनीष तिवारी

नई दिल्ली. 8 फरवरी 2013

मनीष तिवारी


केंद्र सरकार के खिलाफ सीएजी विनोद राय की टिप्पणी से नाराज सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा है कि यह पहला मौका नहीं है जब उन्होंने ऐसा किया है. मेरा मानना है कि संवैधानिक प्राधिकारों को लक्ष्मण रेखा का पालन करना चाहिए. मनीष तिवारी ने कहा कि यह सर्वाधिक दुर्भाग्यपूर्ण है कि कैग ने 2 जी घोटाले में 1.76 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित घाटे की शुद्धता को जायज ठहराने के बजाय सरकार की विदेशी जमीन और विदेशी मंच पर आलोचना करने को चुना.

गौरतलब है कि केंद्र की मनमोहन सरकार की हरकतों से परेशान सीएजी विनोद राय ने हार्वर्ड केनेडी स्कूल में आयोजित एक सेमीनार कहा था कि सरकार सीएजी को ऑडिट करने वाले अकाउंटेंट से ज्यादा नहीं समझती, लेकिन सीएजी नौकरशाहों, नेता और पूंजीपतियों के बीच सांठगांठ का पर्दाफाश करता रहेगा. राय ने कहा था कि सरकार को उद्योगों को समर्थन करने वाली नीतियां बनानी चाहिए, ना कि किसी खास पूंजीपति के समर्थन के लिए नीतियां बने. उन्होंने कहा कि सरकार करप्शन को खत्म नहीं कर पा रही है. वह उद्योगों को नहीं, उद्योगपतियों को मदद कर रही है.

विनोद राय ने कहा था कि सीएजी की भूमिका सिर्फ संसद के सामने रिपोर्ट पेश करने तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए. हमें उससे आगे जाकर अपनी रिपोर्ट की मदद से जनता को जागरूक करने का काम भी करना है. राय ने कहा कि भारत में लोकतंत्र परिपक्व हो रहा है. शहरी मध्यम वर्ग जनसमस्याओं को लेकर अब तेजी से गोलबंद होने लगा है. ऐसी स्थिति में हम नई राह पर यह सोच कर चल रहे हैं कि जनता का हित सबसे पहले है और हमें जनहित में काम करना है.

उनके इस बयान के बाद कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी कहा कि कैग का काम ऑडिट करना है. कैग पॉलिसी बनाने लगेगा तो हमलोग क्या करेंगे? क्या वह पीएम बनना चाहते है? कांग्रेस महासचिव ने सलाह दी कि विनोद राय को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए. कैग अगर प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं तो चुनाव लड़े और नीतियां बनाएं.

इसके बाद अब सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि यह पहला मौका नहीं है, जब सीएजी विनोद राय ने ऐसा किया है. मेरा मानना है कि संवैधानिक प्राधिकारों को लक्ष्मण रेखा का पालन करना चाहिए.


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