पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
 पहला पन्ना > राजनीति Print | Send to Friend 

महिला आरक्षण विधेयक फिर संसद में

महिला आरक्षण विधेयक फिर संसद में पेश


नई दिल्ली. 6 मई 2008

भारी शोर शराबे और हंगामे के बीच आज सरकार ने राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया.

 

लोकसभा का सत्र सोमवार को ही समाप्त हो गया है, इसलिए महज खानापूर्ति के लिए राज्यसभा के अंतिम सत्रों में सरकार ने इस विधेयक को पेश करने की कोशिश की, जिसपर राज्यसभा में भारी हंगामा हुआ.


इससे पहले 11वीं लोकसभा में सितंबर 1996 में और 12वीं लोकसभा में वाजपेयी सरकार ने महिला विधेयक पेश किया. इसके बाद 13वीं लोकसभा में भी वाजपेयी सरकार ने दो बार विधेयक पेश किया.


12 बरसों से लंबित यह विधेयक एक बार फिर आज राज्यसभा में पेश किया गया. विधेयक पेश करते समय समाजवादी पार्टी के कुछ नेताओं ने राज ठाकरे द्वारा उत्तर भारतीयों के खिलाफ दिए गए बयान को मुद्दा बना कर खूब हंगामा किया. कुछ सदस्यों ने महिला आरक्षण विधेयक की प्रतियां भी फाड़ डाली. समाजवादी पार्टी और जनता दल (युनाइटेड) समेत कई दलों ने इस विधेयक का विरोध किया.


हालांकि बाद में कानून मंत्री हंसराज भारद्वाज ने किसी तरह विधेयक पेश किया. लेकिन भारी हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्रवाई स्थगित कर दी गई.


[an error occurred while processing this directive]
 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in