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हिंदू राजनीति के लिये फांसी-रामदेव

हिंदू राजनीति के लिये फांसी-रामदेव

इलाहाबाद. 9 फरवरी 2013

बाबा रामदेव


बाबा रामदेव ने अफजल गुरू की फांसी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार की यह कार्रवाई अपना आधार वापस तलाशने और लोगों का ध्यान बांटने के लिए की गयी है. उन्होंने कहा कि अफजल के नाम के साथ गुरू जोड़ना भारतीय गुरू परंपरा का अपमान है और उसे मोहम्मद अफजल ही कहा जाए. रामदेव ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपनी जिम्मेदारी देर से निभाई है और अगर समय पर अफजल को मृत्युदंड दे दिया जाता तो आतंकवादियों के हौसले बुलंद नहीं होते.

बाबा रामदेव ने कहा कि केंद्र सरकार ने अफजल को फांसी देकर अहसान नहीं किया बल्कि अपनी जिम्मेदारी देर से निभाई है. रामदेव ने कहा कि हिंदुओं को खुश करने के लिए केंद्र की ओर से मुस्लिम आतंकवादी को फांसी दी गई है.

गौरतलब है कि इससे पहली सीपीआईएमएल ने भी आरोप लगाया कि अफजल को फांसी देने का निर्णय इंसाफ को फांसी देने की तरह है. पार्टी ने कहा कि अफजल को फांसी देने का निर्णय गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की चाहत रखने वाली सांप्रदायिक शक्तियों को खुश करने के लिए ऐसा किया गया है और ऐसी ताकतों के मंसूबों को नाकामयाब करने की ज़रुरत है. अफजल गुरु को लेकर जारी पार्टी के एक बयान में कहा गया है कि 1984 के सिख दंगों के लिए, 1992 के सूरत और उसके बाद 2002 के गुजरात दंगों सहित मुसलमानों के खिलाफ हुए तमाम दंगों के लिए, या फिर दलितों, आदिवासियों और अन्य पीड़ित तबकों के खिलाफ जनसंहार के लिए अभी तक किसी को फांसी नहीं दी गई.