पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

सूचकांक से कहीं ज्यादा बड़ी है भुखमरी

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

मधुमेह की महामारी कीटनाशक के कारण?

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

हिंदू राजनीति के लिये फांसी-रामदेव

हिंदू राजनीति के लिये फांसी-रामदेव

इलाहाबाद. 9 फरवरी 2013

बाबा रामदेव


बाबा रामदेव ने अफजल गुरू की फांसी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार की यह कार्रवाई अपना आधार वापस तलाशने और लोगों का ध्यान बांटने के लिए की गयी है. उन्होंने कहा कि अफजल के नाम के साथ गुरू जोड़ना भारतीय गुरू परंपरा का अपमान है और उसे मोहम्मद अफजल ही कहा जाए. रामदेव ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपनी जिम्मेदारी देर से निभाई है और अगर समय पर अफजल को मृत्युदंड दे दिया जाता तो आतंकवादियों के हौसले बुलंद नहीं होते.

बाबा रामदेव ने कहा कि केंद्र सरकार ने अफजल को फांसी देकर अहसान नहीं किया बल्कि अपनी जिम्मेदारी देर से निभाई है. रामदेव ने कहा कि हिंदुओं को खुश करने के लिए केंद्र की ओर से मुस्लिम आतंकवादी को फांसी दी गई है.

गौरतलब है कि इससे पहली सीपीआईएमएल ने भी आरोप लगाया कि अफजल को फांसी देने का निर्णय इंसाफ को फांसी देने की तरह है. पार्टी ने कहा कि अफजल को फांसी देने का निर्णय गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की चाहत रखने वाली सांप्रदायिक शक्तियों को खुश करने के लिए ऐसा किया गया है और ऐसी ताकतों के मंसूबों को नाकामयाब करने की ज़रुरत है. अफजल गुरु को लेकर जारी पार्टी के एक बयान में कहा गया है कि 1984 के सिख दंगों के लिए, 1992 के सूरत और उसके बाद 2002 के गुजरात दंगों सहित मुसलमानों के खिलाफ हुए तमाम दंगों के लिए, या फिर दलितों, आदिवासियों और अन्य पीड़ित तबकों के खिलाफ जनसंहार के लिए अभी तक किसी को फांसी नहीं दी गई.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in