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जब रविशंकर का ग्रैमी गुमा

जब रविशंकर का ग्रैमी गुमा

लॉस एंजिलिस. 11 फरवरी 2013

पंडित रविशंकर


पंडित रविशंकर को मरणोपरांत ग्रैमी द्वारा लाइफ़टाइम अचीवमैंट अवार्ड दिये जाने के बाद अनुष्का शंकर ने कहा है कि मुझे अपने पिता को सम्मान दिये जाने की खुशी है, अपनी हार का गम नहीं है. अनुष्का को बेस्ट वर्ल्ड म्यूज़िक एल्बम एवॉर्ड की श्रेणी में भी नॉमिनेट किया गया था, लेकिन इस श्रेणी में भी दि लिविंग रुप सेशन्स के लिये रविशंकर को ही अवार्ड दिया गया.

पंडित रविशंकर की ओर से उनकी बेटियों अनुष्का शंकर और नोरा जोन्स ने इस सम्मान को स्वीकार किया. नोरा जोन्स ने कहा कि वो इस सम्मान को लेकर बेहद उत्साहित रहते थे. संगीत उनकी साँसों में बसा था. वो नाश्ते की टेबल पर लहरियां छेड़ते रहते थे और मुझसे भी यही करने को कहते थे. मेरी उम्र उस वक़्त महज़ साथ साल की थी. मैं उनकी तरफ से इस सम्मान को स्वीकार कर के बेहद खुश हूँ.

अनुष्का शंकर ने कहा कि आज से साठ दिन पहले उनका निधन हुआ है. जब उन्हें पता लगा था कि यह सम्मान उन्हें दिया जाने वाला है तो वो बेहद खुश हो गए थे. काश मुझे उनकी जगह यह सम्मान लेने के लिए यहाँ नहीं खड़ा होना पड़ता.

अनुष्का ने कहा कि एक बार वो ग्रैमी सम्मान की ट्रॉफी अपने किसी मित्र के यहाँ भूल आये और वो उन्हें ढूँढने पर भी नहीं मिला. उनकी पत्नी ने ग्रैमी फ़ोन लगा कर कि क्या वो उस खोये सम्मान की प्रतिकृति उपलब्ध करा सकते हैं. जब वहां से पूछा किस सम्मान की तब रविशंकर को याद आया कि उन्हें दो बार यह सम्मान मिल चुका है. इस घटना के बाद रविशंकर को तीसरी बार भी यह सम्मान मिला. लाइफ़टाइम अचीवमैंट अवार्ड उनका चौथा था.