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मलिक सईद की जोड़ी से सरकार खफा

मलिक सईद की जोड़ी से सरकार खफा

नई दिल्ली. 11 फरवरी 2013

yasin malik hafiz saeed


जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता यासिन मलिक और मुंबई हमलों के मुख्य आरोपी हाफिज़ सईद द्वारा मंच साझा करने पर मचे विवाद ने केंद्र सरकार का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है. केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इस मामले पर कहा है कि वे इस पर जरूर गौर करेंगे. ऐसे में माना जा रहा है कि भारत सरकार यासिन मलिक के भारत लौटते ही उनसे मामले पर कड़ी पूछताछ कर सकती है और उनका भारतीय पासपोर्ट भी रद्द कर सकती है.

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट नामक अलगाववादी संगठन के नेता यासिन मलिक संसद पर हमले के आरोपी अफज़ल गरु को फांसी दिए जाने के विरोध में इस्लामाबाद में भूख हड़ताल पर बैठे थे. इस आयोजन में लश्कर-ए-तैय्यबा प्रमुख हाफिज़ सईद ने भी मलिक के साथ मंच साझा किया. ऐसे में मलिक का भारत के सबसे वांछित अपराधी के साथ मंच साझा करने से देश में बवाल मचा हुआ है और मलिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाने की मांग तेज हो गई है.

मामले को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा का कहना है कि सरकार अफज़ल गुरु को फांसी देकर अपनी पीठ थपथपा रही है लेकिन ये आतंकवाद पर उसकी ढ़ुलमुल नीति का नतीजा है कि देश में रहने वाला एक शख्स, देश के दुश्मन के साथ मंच साझा कर रहा है.

गौरतलब है कि यासिन मलिक कश्मीर के प्रमुख अलगाववादी नेता हैं और वे अक्सर पाकिस्तान जाते रहते हैं. मलिक आजाद कश्मीर की आवाज उठाते रहे हैं और इसे लेकर पाकिस्तान का भी खुला समर्थन करते रहे हैं लेकिन ये पहला मामला है जिसमें उन्हें हाफिज़ सईद के साथ एक मंच पर देखा गया है.


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