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हेलिकॉप्टर घोटाले में सोनिया पर निशाना

हेलिकॉप्टर घोटाले में सोनिया पर निशाना

नई दिल्ली. 13 फरवरी 2013

सोनिया गांधी


भाजपा ने हेलीकॉप्टर खरीद घोटाले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर हमला बोलते हुये कहा है कि क्या मामला इटली से जुड़ा हुआ था, इसलिये इस मामले में सरकार चुप रही? भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने इटली के एयरोस्पेस और डिफेंस निर्माण कंपनी फिनमैकानिका के मुखिया गियूसेप्पे ओरसी की गिरफ्तारी और पूर्व वायु सेना अध्यक्ष एसपी त्यागी का नाम इस घोटाले में जुड़ने के बाद सोनिया गांधी को निशाना बनाया है.

रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से इस मामले को संसद में प्रकाश जावड़ेकर ने उठाया था. तब इसका सरकार ने उत्तर दिया था कि डील में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है. भाजपा ये जानना चाहती है कि सरकार ने ऐसा क्यों कहा? क्या इटली सरकार से सूचना नहीं आई या फिर सूचना को गंभीरता से नहीं लिया गया? रविशंकर प्रसाद ने सवाल उठाया कि हेलीकॉप्टर कंपनी इटली की थी क्या इसीलिए अब तक मामले की भारत में जांच शुरू नहीं हुई?

उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस जो कि गृहमंत्रालय के अधीन है, उसे यही हेलीकॉप्टर कंपनी 8-10 फीसदी कमीशन ऑफर कर रही है तो क्या रक्षा मंत्रालय में 12 हेलीकॉप्टर के लिए उसने कमीशन ऑफर नहीं किया होगा? श्री प्रसाद ने कहा कि रक्षा मंत्रालय को भी कमीशन ऑफर किया गया है और कई दलालों के नाम सामने आ रहे हैं। यह विषय पिछले एक साल से उठ रहा था तो इस पर सरकार एक साल तक चुप क्यों रही?

गौरतलब है कि भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सेना प्रमुखों की सुविधा के लिये खरीदे गये 12 एडब्ल्यू-101 हेलिकॉप्टरों में भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने की जांच के बाद एयरोस्पेस और डिफेंस निर्माण कंपनी फिनमैकानिका के मुखिया गियूसेप्पे ओरसी को दबोचा गया है. भारतीय रक्षा मंत्रालय ने फिनमैकानिका से 2010 में करीब 3600 करोड़ रुपए में 12 अति सुरक्षित अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टरों की ख़रीददारी की थी. इसमें तीन हेलिकॉप्टर भारत आ चुके हैं और बाक़ी के नौ हेलीकॉप्टरों के इस साल जून-जुलाई तक भारत आने की उम्मीद है.

इधर इंडियन एक्सप्रेस ने इटली सरकार की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुये यह सनसनीखेज राज खोला है कि फिनमेकेनिका एयरोस्पेस डिफेंस कंपनी ने तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी को मध्यस्थों के माध्यम से रिश्वत की रकम पहुंचाई थी.

अखबार ने दावा किया है कि उसके पास 64 पेज की वह रिपोर्ट है जिसे फिनमेकेनिका के सीईओ की गिरफ्तारी के लिए ट्रिब्यूनल में फाइल किया गया था. रिपोर्ट के मुताबिक तब वायुसेना प्रमुख रहे एसपी त्यागी को मध्यस्थों के माध्यम से कुछ रकम, जिसका ठीक-ठीक अनुमान नहीं है, पहुंचाई गई थी. अखबार के मुताबिक उसने इस बारे में त्यागी से कई बार कॉन्टेक्ट करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि एयर चीफ मार्शल एसपी त्यागी के करीबियों जूली त्यागी, डोस्का त्यागी और संदीप त्यागी के मार्फत यह खास रकम उन तक पहुंचाई गई. त्यागी 2004 से 2007 तक वायु सेना अध्यक्ष के पद पर थे. अखबार के मुताबिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि फिनेमेकेनिका की सहायक कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड को नीलामी प्रक्रिया में शामिल करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट में जानबूझकर टेक्निकल पेच फंसाए गए. इसके लिए 360 करोड़ रुपये से ज्यादा की रिश्वत इटली और भारत में दी गई.

रिपोर्ट के अनुसार एसपी त्यागी ने वेस्टलैंड के फेवर में टेंडर की डीटेल बदली. ऑपरेशनल सीलिंग की शर्त 18000 फीट से कम कर 15000 हजार फीट की गई. ऐसा नहीं किया जाता तो वेस्टलैंड नीलामी में शामिल ही नहीं हो पाती. पिछले साल अक्टूबर में इस मामले की जांच के दौरान जूली त्यागी का नाम सामने आया था. एसपी त्यागी ने तब स्वीकार किया था कि उनके जूली से संबंध हैं, लेकिन उन्होंने उनके साथ किसी तरह के बिजनेस रिलेशन से इनकार किया था. इधर इंडियन एक्सप्रेस की खबर के बाद एक बार फिर त्यागी ने दलाली की बात को सीरे से नकार दिया है.


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