पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >अंतराष्ट्रीय > Print | Share This  

भारतीय शरण में मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति नशीद

भारतीय शरण में मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति नशीद

माले, मालदीव. 13 फरवरी 2013

kingfisher airlines


मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति नशीद गिरफ्तारी से बचने के लिए भारत की राजनीतिक शरण में आ गए हैं. माले की एक अदालत ने राष्ट्रपति से बर्खास्त हुए नशीद को गिरफ्तार करने के लिए वारंट जारी किया था. अपनी गिरफ्तारी के आदेश की खबर मिलते ही नशीद राजधानी माले स्थित भारतीय उच्चायोग पहुँच गए और वहां मौजूद अधिकारियों राजनीतिक शरण की मांग की.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारतीय उच्चायोग ने उनकी मांग मान ली है और अब वे भारतीय उच्चायोग में राजनीतिक शरण में है. दरअसल नशीद को 10 फरवरी को अदालत में एक मामले की सुनवाई के लिए अदालत में उपस्थित होना था लेकिन वे इसमें गैरमौजूद रहे. इसके बाद अदालत ने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए समन जारी कर दिया.

नशीद के भारतीय उच्चायोग में शरण लेते हुए मालदीव की पुलिस ने उच्चायोग के इलाके को चारों ओर से घेर लिया और बैरिकेडिंग कर ली. अब माना जा रहा है कि नशीद अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की उनकी याचिका पर फैसला हो जाने तक भारतीय उच्चायोग में ही रहेंगे. नशीद के भारतीय उच्चायोग में रहते हुए मालदीव पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकती है क्योंकि क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक उच्चायोग का भूभाग भारतीय है.

उल्लेखनीय है कि मालदीव की पहली लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार चला रहे नशीद को पिछले दिनों पूर्व राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम के समर्थकों द्वारा किए गए विरोध के बाद अपना इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in