पहला पन्ना >कला > Print | Share This  

गुलज़ार को पाक ने नहीं लौटाया

गुलज़ार को पाक ने नहीं लौटाया

नई दिल्ली. 13 फरवरी 2013

gulzar vishal


फिल्म निर्देशक विशाल भारद्वाज और मशहूर गीतकार गुलज़ार के पाकिस्तान से अचानक वापस लौट आने से अटकलें का दौर शुरु हो गया है. बताया जा रहा है कि गुलज़ार को वहां कराची लिटरेचर फेस्टीवल में प्रमुख वक्ता के रूप में भाग लेना था, लेकिन गुलज़ार पाकिस्तान में अपने पैतृक गांव दीना का दौरा करके ही वापस लौट गए. इसके बाद ये खबर उड़ी कि भारतीय उच्चायोग ने उन्हें पाकिस्तान में भारत विरोधी माहौल देखते हुए भारत वापस लौट जाने को कहा है.

अब भारतीय उच्चायोग ने एक बयान जारी कर इंकार किया है कि गुलजार द्वारा यात्रा को अधूरी छोड़कर लौट जाने में उसकी कोई भूमिका है. उच्चायोग ने अपने बयान में कहा है कि यह गुलजार की निज़ी यात्रा थी और भारतीय उच्चायोग को उनके कार्यक्रम की कोई जानकारी नहीं थी. इसीलिए उच्चायोग द्वारा उन्हें लौट जाने की सलाह दिए जाने संबंधी खबर बेबुनियाद है.

भारतीय उच्चायोग के द्वारा खबर का खंडन आने के बाद गुलज़ार के साथ पाकिस्तान यात्रा पर गए फिल्म निर्देशक विशाल भारद्वाज ने भी कहा है कि उनके पाकिस्तान से अचानक वापस आने के पीछे कोई राजनीतिक वजह नहीं है.

भारद्वाज ने कहा कि वह अपनी नई फिल्म 'डेढ़ इश्किया' के एक गाने की रिकॉर्डिंग के लिए पाकिस्तान गए थे. वहां गुलजार साहब प्रसिद्ध कवि अहमद नदीम कासमी की कब्र पर गए और उसके बाद वह अपने जन्मस्थान दीना लगभग 70 साल के बाद गए. इस यात्रा के दौरान गुलजार की तबीयत कुछ बिगड़ गई और उनकी टीम वापस पहले लौहार आ गई और फिर यात्रा छोड़कर भारत लौट आई.

अब भारद्वाज का कहना है कि उनकी टीम का वापस लौटना सिर्फ गुलज़ार साहब की तबीयत के चलते था और जब उनकी तबीयत ठीक होगी उनकी टीम फिर से पाकिस्तान जाएगी.