पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >समाज Print | Share This  

केट की अधनंगी तस्वीरों पर फिर बवाल

केट की अधनंगी तस्वीरों पर फिर बवाल

लंदन. 14 फरवरी 2013 बीबीसी

डचेज ऑफ कैम्ब्रिज केट मिडलटन


डचेज ऑफ कैम्ब्रिज केट मिडलटन की बिकिनी वाली तस्वीरों के इटली की एक मैगजीन में प्रकाशित होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है.

चार महीनों की गर्भवती केट को ‘ची मैगजीन’ ने अपने कवर पेज पर कैरिबियाई द्वीप के सागर तट पर बिकिनी पहने हुए दिखाया है. मैगजीन ने इसका शीर्षक लगाया है,“ द बेली ग्रोज”. सेंट जेम्स पैलेस के प्रवक्ता ने मंगलवार रात को मैगजीन के प्रकाशन से पहले कहा, “छुट्टियां बिताने के दौरान राजकुमार विलियम और केट की ली गई तस्वीरों के दुनिया भर में प्रकाशित होने की संभावना से हम निराश हैं. यह उनकी निजता के अधिकार का सरासर उल्लंघन है”.

हालांकि प्रवक्ता ने शाही दंपत्ति द्वारा इस मुद्दे पर किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. इस जोड़े ने दिसंबर में ही घर में नए मेहमान आने की बात का खुलासा किया था. फोटो स्कैंडल पर जारी विवाद के बीच मैगजीन के संपादक ने केट की तस्वीरों के इस्तेमाल का बचाव किया और कहा,“ये तस्वीरें एक युवा प्रेमी जोड़े की हैं”.

अलफांसो सिगनोरिनी ने बीबीसी से कहा,“तस्वीरें किसी की निजता का उल्लंघन नहीं करती”. उन्होंने कहा,“ये तस्वीरें बेहद सामान्य और इनका इस्तेमाल केवल मैगजीन की कवर पेज के लिए किया गया है”. इस बीच एक आस्ट्रेलियाई मैगजीन ने भी सोमवार को इसके प्रकाशन की योजना बनाई है और आईटीवी ने इस मैगजीन को बिना धुंधला किए हुए इसके प्रकाशन पर माफी मांगी है. सिगनोरिनी कहते हैं,“यह भी एक सच है कि इटली का प्रेस का बंकिमघम पैलेस और ब्रिटिश प्रेस के बीच हुए भद्रजनों वाले करार से कोई लेना-देना नहीं है.”


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in