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रिश्वत तो धंधे का हिस्सा-बर्लुस्कोनी

रिश्वत तो धंधे का हिस्सा-बर्लुस्कोनी

रोम. 14 फरवरी 2013

सिल्विओ बर्लुस्कोनी


हेलिकॉप्टर घोटाले में इटली की कंपनी द्वारा भारतीय वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी को दलाली दिये जाने की खबरों के बीच इटली के भूतपूर्व प्रधानमंत्री सिल्विओ बर्लुस्कोनी ने कहा है कि धंधे में रिश्वतखोरी में कुछ भी गलत नहीं है.

उन्होंने कहा कि रिश्वत व्यवसाय का एक महत्वपूर्ण अंग है और इस प्रकार की महत्वपूर्ण परिस्थितियों में रिश्वत के प्रयोग से नहीं नाकारा जा सकता. रिश्वत किसी प्रकार का जुर्म नहीं है, हम सिर्फ इस प्रकार के सौदों में किसी व्यक्ति को कमीशन देने की बात कर रहे हैं. तीन बार के प्रधानमंत्री रहे बर्लुस्कोनी ने एयरोस्पेस और डिफेंस निर्माण कंपनी फिनमैकानिका के मुखिया गियूसेप्पे ओरसी का बचाव करते हुये कहा कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है. इटली के एयरोस्पेस और डिफेंस निर्माण कंपनी फिनमैकानिका के मुखिया को रिश्वत देने के आरोप में मिलान में गिरफ़्तार किया गया है. फिनमैकानिका के मुखिया गियूसेप्पे ओरसी के ख़िलाफ़ बीते कई महीनों से जांच चल रही थी. उन पर भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने का आरोप है.

हेलिकॉप्टर घोटाले को लेकर जो जांच रिपोर्ट इटली में जांच एजेंसियों ने पेश की है, उसके अनुसार जब अगस्ता-वेस्टलैंड को लगा कि वह डील से बाहर हो सकती है, तो कंपनी ने त्यागी परिवार के मित्र कार्लो और उसके बॉस राल्फ को साथ किया. इसके बाद उस टेंडर में बदलाव किया गया, जिसमें यह शर्ते रखी गई थी कि हेलिकॉप्टर 18 हजार फीट की ऊचाई तक उड़ान भरने वाले हों. अगस्ता के पास ऐसी क्षमता वाले हेलिकॉप्टर नहीं थे. उसकी कोशिशों से भारत सरकार के टेंडर में बदलाव किया गया और इसे 15 हजार फीट कर दिया गया. इतना ही नहीं, हेलिकॉप्टर के इंजन बंद हो जाने की स्थिति में उड़ान की जांच की शर्त जोड़ दी गई.

जांच रिपोर्ट के अनुसार दलालों ने 2005 से 2007 के दौरान जब एसपी त्यागी वायु सेना प्रमुख थे, उनसे 6 बार मुलाकात की. त्यागी ने माना है कि जिन लोगों का जिक्र जांच रिपोर्ट में हुआ है, वे उनके रिश्तेदार हैं. इसके अलावा त्यागी ने कुछ दलालों से भी मुलाकात की बात स्वीकार की है.

गौरतलब है कि भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सेना प्रमुखों की सुविधा के लिये खरीदे गये 12 एडब्ल्यू-101 हेलिकॉप्टरों में भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने की जांच के बाद एयरोस्पेस और डिफेंस निर्माण कंपनी फिनमैकानिका के मुखिया गियूसेप्पे ओरसी को दबोचा गया है. भारतीय रक्षा मंत्रालय ने फिनमैकानिका से 2010 में करीब 3600 करोड़ रुपए में 12 अति सुरक्षित अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टरों की ख़रीददारी की थी. इसमें तीन हेलिकॉप्टर भारत आ चुके हैं और बाक़ी के नौ हेलीकॉप्टरों के इस साल जून-जुलाई तक भारत आने की उम्मीद है. इधर इंडियन एक्सप्रेस ने इटली सरकार की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुये यह सनसनीखेज राज खोला है कि फिनमेकेनिका एयरोस्पेस डिफेंस कंपनी ने तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी को मध्यस्थों के माध्यम से रिश्वत की रकम पहुंचाई थी.


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