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हेलिकॉप्टर मामले में इटली जाएगी सीबीआई

हेलिकॉप्टर मामले में इटली जाएगी सीबीआई

नई दिल्ली. 17 फरवरी 2013

हेलिकॉप्टर


हेलिकॉप्टर घोटाले के दस्तावेज देने से इंकार करने के बाद सीबीआई के दो सदस्यों की टीम इटली जाएगी. वहां उम्मीद की जा रही है कि सीबीआई के सदस्य इटली सरकार से दस्तावेज के लिये अनुरोध कर सकते हैं. हेलिकॉप्टर घोटाले में भारत सरकार को झटका देते हुये इटली की अदालत ने कहा था कि वह इस घोटाले से संबंधित मामले के कागजात केवल आरोपियों और उनके वकील को ही दे सकती है. भारत सरकार ने अदालत से इस मामले के कागजात मांगे थे. अदालत का कहना था कि चूंकि यह जांच अभी शुरुआती चरण में है, इसलिये इससे संबंधित कागजात नहीं दिये जा सकते.

हेलिकॉप्टर घोटाले को लेकर जो जांच रिपोर्ट इटली में जांच एजेंसियों ने पेश की है, उसके अनुसार जब अगस्ता-वेस्टलैंड को लगा कि वह डील से बाहर हो सकती है, तो कंपनी ने त्यागी परिवार के मित्र कार्लो और उसके बॉस राल्फ को साथ किया. इसके बाद उस टेंडर में बदलाव किया गया, जिसमें यह शर्ते रखी गई थी कि हेलिकॉप्टर 18 हजार फीट की ऊचाई तक उड़ान भरने वाले हों. अगस्ता के पास ऐसी क्षमता वाले हेलिकॉप्टर नहीं थे. उसकी कोशिशों से भारत सरकार के टेंडर में बदलाव किया गया और इसे 15 हजार फीट कर दिया गया. इतना ही नहीं, हेलिकॉप्टर के इंजन बंद हो जाने की स्थिति में उड़ान की जांच की शर्त जोड़ दी गई.

जांच रिपोर्ट के अनुसार दलालों ने 2005 से 2007 के दौरान जब एसपी त्यागी वायु सेना प्रमुख थे, उनसे 6 बार मुलाकात की. त्यागी ने माना है कि जिन लोगों का जिक्र जांच रिपोर्ट में हुआ है, वे उनके रिश्तेदार हैं. इसके अलावा त्यागी ने कुछ दलालों से भी मुलाकात की बात स्वीकार की है.

गौरतलब है कि भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सेना प्रमुखों की सुविधा के लिये खरीदे गये 12 एडब्ल्यू-101 हेलिकॉप्टरों में भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने की जांच के बाद एयरोस्पेस और डिफेंस निर्माण कंपनी फिनमैकानिका के मुखिया गियूसेप्पे ओरसी को दबोचा गया है. भारतीय रक्षा मंत्रालय ने फिनमैकानिका से 2010 में करीब 3600 करोड़ रुपए में 12 अति सुरक्षित अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टरों की ख़रीददारी की थी. इसमें तीन हेलिकॉप्टर भारत आ चुके हैं और बाक़ी के नौ हेलीकॉप्टरों के इस साल जून-जुलाई तक भारत आने की उम्मीद है. इधर इंडियन एक्सप्रेस ने इटली सरकार की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुये यह सनसनीखेज राज खोला है कि फिनमेकेनिका एयरोस्पेस डिफेंस कंपनी ने तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी को मध्यस्थों के माध्यम से रिश्वत की रकम पहुंचाई थी.