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डॉक्टरों की नाकामी से मरी थी सविता

डॉक्टरों की नाकामी से मरी थी सविता

लंदन. 17 फरवरी 2013

सविता हलप्पनावर


गर्भपात की अनुमति नहीं मिलने के कारण असमय मौत का शिकार हुईं सविता हलप्पनावर की जांच रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि सविता के इलाज में लापरवाही बरती गई थी. आयरलैंड के स्वास्थ मंत्रालय की जांच रिपोर्ट लीक होने के बाद यह तथ्य सामने आये हैं कि डॉक्टर सविता के इंफेक्शन का पता लगाने और उसका इलाज करने को लेकर सजग नहीं थे और वे इसमें नाकाम रहे हैं.

गौरतलब है कि 31 वर्षीय सविता हलप्पनवार की 28 अक्टूबर को उस समय मौत हो गई थी, जब चिकित्सकों ने उनका गर्भपात करने से इंकार कर दिया. परिवार वालों के अनुरोध के बाद भी कानून का हवाला देकर उनका गर्भपात नहीं किया गया और गर्भ में घाव के सड़ने की वजह से उनकी मौत हो गई.

सविता हलप्पनवार के पति प्रवीण हलप्पनवार का कहना था कि यूनिवर्सिटी अस्पतॉल गॉलवे में जब हम 17 सप्ताह की गर्भवती सविता को लेकर आये तो उनकी स्थिति खराब होने लगी थी. यह भ्रूण में किसी तरह की गड़बड़ी के कारण था. हमने चिकित्सकों को कहा कि सविता का गर्भपात कर दें लेकिन चिकित्सकों ने कैथोलिक देश के कानून का हवाला देते हुये ऐसा करने से मना कर दिया.

लगभग 20 साल पहले 'एक्स केस' का मामला सामने आने के बाद गर्भपात पर आयरलैंड में रोक लगा दी गई थी. इस मामले में स्कूल में पढ़ने वाली 14 साल की एक बच्ची बलात्कार के बाद गर्भवती हो गई थी. बच्ची और उसके परिजन चाहते थे कि उसका गर्भपात करा दिया जाये. लेकिन आयरलैंड के स्थानीय प्रशासन ने गर्भपात की अनुमति नहीं दी. बाद में उस बच्ची ने आत्महत्या कर ली थी. इस घटना के बाद अदालत ने कहा कि मां और भ्रूण दोनों को जिंदा रहने का समान अधिकार है लेकिन अगर मामला आत्महत्या तक पहुंच जाये तो गर्भपात की अनुमति दी जानी चाहिये.

सविता हलप्पनवार की मौत के बाद गर्भपात के कानून को लेकर देश भर में बहस शुरु हो गई थी. मानवाधिकार और महिला संगठनों ने रैलियां कर के मांग की थी कि सरकार इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करे. सरकार को यह बताना चाहिये कि किन परिस्थितियों में गर्भपात की अनुमति दी जा सकती है. इसके बाद सरकार ने पूरे मामले की जांच शुरु करवाई थी.