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कुश्ती को बचाने प्रयास करे भारत: गीता फोगट

कुश्ती को बचाने प्रयास करे भारत: गीता फोगट

पटियाला. 17 फरवरी 2013

गीता फोगट


महिला पहलवान गीता फोगट ने कहा है कि यदि अतंराष्ट्रीय ओलंपिक्स समिति (आईओसी) कुश्ती को आलंपिक खेलों से बाहर रखने का फैसला बरकरार रखती है तो भारत को ओलंपिक्स खेलों का बहिष्कार करना चाहिए. ओलंपिक्स खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पहली महिला पहलवान गीता का मानना है कि भारत सरकार को 2020 ओलिंपिक खेलों में कुश्ती को वापस शामिल करवाने के लिए गंभीरता से कदम उठाने चाहिए.

गौरतलब है कि अंतराष्ट्रीय ओलंपिक्स समिति के कार्यकारी बोर्ड ने हाल में लुसाने में हुई बैठक में कुश्ती को 2020 के ओलंपिक से हटाने की सिफारिश की थी. इस सिफारिश के बाद सितंबर माह में ब्यूनस आयर्स में यह फैसला हो जाएगा कि कुश्ती 2020 ओलंपिक से बाहर होती है या नहीं.

मार्च माह में मंगोलिया में होने वाली विश्व कुश्ती चैंपियमशिप के लिए पटियाला के एनआईएस में तैयारियों में जुटी गीता ने बताया, 'यह खबर भारत के कुश्ती जगत के लिए बहुत ही ज्यादा दुखद है और खासकर महिला के पहलवानों के लिए तो यह उनके सपनों पर पारी फिरने जैसा ही है क्योंकि 2004 एथेंस ओलिंपिक से ही महिला पहलवानी को शामिल किया गया था और मुझे 2012 लंदन खेलों के लिए क्वॉलीफाई होने से ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली पहलवान बनने का मौका मिला था'.


 

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

devvrat [] jaipur - 2013-02-17 15:47:10

 
  2जी,कोयला,कामनवेल्थ और अब हेलीकाप्टर जैसे घोटालो पर काटजू साहब गौर क्यों नही फरमाते है? दामनी मामले में भी ये बयान देकर पलटते थे. 1984 के सिक्ख विरोधी दंगे, कुछ महनो पहले असम के दंगे, गतवर्ष हुआ राजस्थान का गोपालगढ़ भरतपुर ह्त्या काण्ड काटजू साहब की आँखों से ओझल कैसे हो जाता है? 
   
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