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मोदी पर लेख को लेकर भिड़े काटजू-जेटली

मोदी पर लेख को लेकर भिड़े काटजू-जेटली

नई दिल्ली. 17 फरवरी 2013

justice katju


प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जस्टिस काटजू द्वारा मोदी के संबंध में लिखे लेख के फलस्वरूप भाजपा नेता अरुण जेटली और जस्टिस काटजू के बीच वाकयुद्ध छिड़ गया है. लेख में मोदी के संबंध में की गई आलोचना से गुस्सा हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा है कि जस्टिस काटजू का लेख राजनीतिक रूप से प्रेरित और पूर्वाग्रह से ग्रसित लगता है. उन्होंने काटजू को किसी भी कांग्रेसी नेता से ज्यादा कांग्रेसी बताते हुए मांगा कि काटजू को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.

जेटली ने भाजपा की एक वेबसाइट पर लिखते हुए कहा कि काटजू उन लोगों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित कर रहे हैं जिन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें पद पर बिठाया जबकि ऐसे पद पर किसी निष्पक्ष व्यक्ति को ही बैठना चाहिए. जेटली ने काटजू पर पक्षपातपूर्व रवैये का इल्जाम लगाते हुए कहा कि वे केवल उन्हीं राज्यों पर निशाना साथ रहे हैं जहां भाजपा की सरकार है.

अब जस्टिस काटजू ने जेटली के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा है कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली को इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि वह 'राजनीति के लिए अयोग्य' हैं. जेटली को कटघरे में खड़ा करते हुए जस्टिस काटजू ने कहा कि जेटली विरोध करते करते काफी नीचे उतर आए हैं और आधे ही सच को सामने ला रहे हैं.

जस्टिस काटजू ने कहा कि ऐसा नहीं है कि वे सिर्फ भाजपा शासित सरकारों का विरोध करते हैं, उन्होंने फेसबुक पर कमेंट करने पर गिरफ्तार की गई लड़कियों के मामले में महाराष्ट्र सरकार को भी खूब लताड़ा था. उन्होंने कहा कि मैंने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी उस वक्त नोटिस जारी किया, जब उन्होंने एक मीडियाकर्मी के कैमरा तोड़ने की धमकी दी थी, तब जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी न कि भाजपा की.

उल्लेखनीय है कि जस्टिस काटजू ने एक अंग्रेजी अखबार में लिखे अपने हालिया लेख में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधते हुए कहा था कि लोगों को सोच-समझकर अपना भावी प्रधानमंत्री चुनना चाहिए. उन्होंने गोधरा दंगों को पूर्वनियोजित बताते हुए मोदी की तुलना हिटलर से की थी. जस्टिस काटजू के इस बयान से भाजपा भयंकर गुस्से में है और अब उनके इस्तीफे की मांग कर रही है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

devvrat [] jaipur - 2013-02-17 15:47:10

 
  2जी,कोयला,कामनवेल्थ और अब हेलीकाप्टर जैसे घोटालो पर काटजू साहब गौर क्यों नही फरमाते है? दामनी मामले में भी ये बयान देकर पलटते थे. 1984 के सिक्ख विरोधी दंगे, कुछ महनो पहले असम के दंगे, गतवर्ष हुआ राजस्थान का गोपालगढ़ भरतपुर ह्त्या काण्ड काटजू साहब की आँखों से ओझल कैसे हो जाता है? 
   
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