पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

बीटी कॉटन के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

बीटी कॉटन के चक्रव्यूह से निकलना जरूरी

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

मानव मन और शहर का जल-थल

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >श्रीलंका Print | Share This  

प्रभाकरण के बेटे को क्रूरता से मारा था

प्रभाकरण के बेटे को क्रूरता से मारा था

कोलंबो. 20 फरवरी 2013

बालाचंद्रन


एलटीटीई के मुखिया वी प्रभाकरण के 12 साल के बेटे बालाचंद्रन को श्रीलंका की सेना ने पहले अपने कैंप में बैठा कर बिस्किट खिलाया और बिस्किट खाते बालाचंद्रन को गोलियों से भून दिया. इससे पहले श्रीलंका की सेना ने दावा किया था कि बालाचंद्रन सेना की जवाबी कार्रवाई में मारा गया था.

फिल्म निर्माता कैलम मैक्री ने चैनल 4 के लिये बनाई एक फिल्म नो वॉर जोन : द किलिंग फील्ड्स ऑफ श्रीलंका में यह राज उजागर किया है. उन्होंने वह तस्वीरें भी जारी की हैं, जिसमें बालाचंद्रन को बिस्किट खाते हुये दिखाया गया है और उसके बाद उसके सीने में पांच गोली मार दी गई. इस तस्वीर में बालाचंद्रन एक बेंच पर हाफ पैंट पहन कर कुछ खाते नजर आ रहा है.

कैलम मैक्री ने अखबारों में लिखे अपने लेख में कहा है कि 2009 में एलटीटीई को नेस्तनाबूत करने के क्रम में सरकार की ओर से गंभीर युद्ध अपराध किए गए. ये तस्वीरें श्रीलंकाई सरकार के उस दावे को झूठा ठहराती हैं जिसमें कहा गया था कि प्रभाकरन के बेटे की मौत क्रॉसफायर में हुई थी. मैक्री का कहना है कि सेना ने बच्चे की सोच-समझ कर हत्या की है.

इधर एक बार फिर से श्रीलंकाई सेना के प्रवक्ता रुवान वनिगासूर्या ने कहा है कि फिल्म पूरी तरह से झूठ पर आधारित है. हालांकि उन्होंने बालाचंद्रन की तस्वीरों पर कोई टिप्पणी नहीं की है. उनका कहना था कि संयुक्त राष्ट्र में बदनाम करने के लिये यह फिल्म बनाई गई है. दूसरी ओर डीएमके सुप्रीमो एम करुणानिधि ने भारत सरकार से अपील की है कि वह संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार संगठन के होने वाले अधिवेशन में श्रीलंका के खिलाफ अमरीकी प्रस्ताव का समर्थन करे.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in