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प्रभाकरन के बेटे की हत्या से भड़के करुणानिधि

प्रभाकरन के बेटे की हत्या से भड़के करुणानिधि

चेन्नई. 21 फरवरी 2013

बालाचंद्रन


एलटीटीई प्रमुख वेलुपिल्लई प्रभाकरन के बेटे बालाचंद्रन की हत्या को लेकर डीएमके सुप्रीमो एम करुणानिधि ने कहा है कि अब श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को युद्ध अपराधी साबित करने के लिये किसी सबूत की जरुरत नहीं है. बालाचंद्रन की हत्या को जघन्य छहराते हुये करुणानिधि ने कहा कि दुनिया के किसी भी देश में इतनी जघन्य हत्या का कोई दूसरा उदाहरण नहीं मिलेगा.

एलटीटीई के मुखिया वी प्रभाकरण के 12 साल के बेटे बालाचंद्रन को श्रीलंका की सेना ने पहले अपने कैंप में बैठा कर बिस्किट खिलाया और बिस्किट खाते बालाचंद्रन को गोलियों से भून दिया. इससे पहले श्रीलंका की सेना ने दावा किया था कि बालाचंद्रन सेना की जवाबी कार्रवाई में मारा गया था. फिल्म निर्माता कैलम मैक्री ने चैनल 4 के लिये बनाई एक फिल्म नो वॉर जोन : द किलिंग फील्ड्स ऑफ श्रीलंका में यह राज उजागर किया है. उन्होंने वह तस्वीरें भी जारी की हैं, जिसमें बालाचंद्रन को बिस्किट खाते हुये दिखाया गया है और उसके बाद उसके सीने में पांच गोली मार दी गई. इस तस्वीर में बालाचंद्रन एक बेंच पर हाफ पैंट पहन कर कुछ खाते नजर आ रहा है.

कैलम मैक्री ने अखबारों में लिखे अपने लेख में कहा है कि 2009 में एलटीटीई को नेस्तनाबूत करने के क्रम में सरकार की ओर से गंभीर युद्ध अपराध किए गए. ये तस्वीरें श्रीलंकाई सरकार के उस दावे को झूठा ठहराती हैं जिसमें कहा गया था कि प्रभाकरन के बेटे की मौत क्रॉसफायर में हुई थी. मैक्री का कहना है कि सेना ने बच्चे की सोच-समझ कर हत्या की है.

दूसरी ओर श्रीलंकाई सेना के प्रवक्ता रुवान वनिगासूर्या ने कहा है कि फिल्म पूरी तरह से झूठ पर आधारित है. हालांकि उन्होंने बालाचंद्रन की तस्वीरों पर कोई टिप्पणी नहीं की है. उनका कहना था कि संयुक्त राष्ट्र में बदनाम करने के लिये यह फिल्म बनाई गई है. वहीं डीएमके सुप्रीमो एम करुणानिधि ने कहा है कि अब श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को युद्ध अपराधी साबित करने के लिये किसी सबूत की जरुरत नहीं है. इसके लिये कोई जांच जरुरी नहीं है.


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