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हैदराबाद विस्फोट की धमक संसद में

हैदराबाद विस्फोट की धमक संसद में

नई दिल्ली. 22 फरवरी 2013

सुशील कुमार शिंदे


हैदराबाद शहर में गुरुवार को हुए दो बम धमाकों को लेकर शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों में गहमा-गहमी रही और विपक्ष ने सरकार से नाराज़गी भी जताई.

इस बीच दो धमाकों में मरने वालों की संख्या 16 हो गई है. सुबह जब संसद का काम काज शुरू हो रहा था तभी गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने बता दिया था कि गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे दोपहर में दोनों सदनों में अपना बयान जारी करेंगे. गृह मंत्री ने बयान देने से पहले ही सरकार और विपक्ष में तीखी नोक-झोंक चली.

विपक्षी दलों ने हैदराबाद में हुए बम धमाकों के लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराते हुए इसे 'एक और नाकामी' करार दिया.

धमाकों की घोर निंदा करने के बाद ज़्यादातर सांसदों ने सरकार से इस बात पर सफ़ाई मांगी कि दो दिन पहले जारी की गई चेतावनी के बाद इसे अंजाम देने वाले सफल कैसे हो गए. गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भारी हंगामे के बीच लोक सभा में बयान दिया और कहा कि इस बात का पता लगा लिया गया है की धमाकों में इस्तेमाल हुए विस्फोटक साइकिलों पर रखे गए थे. उन्होंने कहा, "हालात अभी नियंत्रण में हैं और सरकार मामले की तत्परता से जांच करा रही है. हादसे के तुरंत बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी और हैदराबाद स्थित उसकी शाखा के अधिकारी घटनास्थल पर पहुँच चुके थे और पूरे इलाके की छानबीन की गई है".

सुशील कुमार शिंदे ने संसद में यह भी कहा कि फिलहाल ये कहना जल्दबाजी होगी कि किन व्यक्तियों या संगठन ने इन धमाकों को अंजाम दिया है. इससे पहले बम धमाकों को रोक पाने के लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराते हुए विपक्षी सांसदों ने भारी शोर-शराबा किया जिससे दोपहर तक के लिए दोनों सदनों की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया.

सीपीएम नेता बासुदेव आचार्य और समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने सरकार से इस बात का जवाब भी माँगा कि आखिर कमियां कहाँ रह गईं. सांसद शरद यादव ने तो सरकार के साथ-साथ जांच एजेंसियों को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि 'दोनों हाथ-पर-हाथ रखकर बैठे रह गए'. भारतीय जनता पार्टी नेता सुषमा स्वराज ने सरकार के किसी 'आतंकी हमले' की समय पर जानकारी देने वाले बयान पर भी तीखा प्रहार किया. उन्होंने कहा, "अगर आप दूसरे राज्यों को जानकारी नहीं भी देते लेकिन आंध्र प्रदेश जैसे राज्य, जहाँ पहले भी बम धमाके हो चुके हैं, वहां तो अलर्ट की जानकारी के साथ ऐसी घटनाओं को रोकने के प्रयास भी होने चाहिए थे".

लोक सभा के बाद केन्द्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने राज्य सभा में भी बयान दिया और सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया की इस तरह की घटनाओं के एकदम तुरंत बाद पूरी जानकारी मुहैया करा पाना संभव भी नहीं है.


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