पहला पन्ना >राजनीति >सियासत Print | Share This  

रामदेव के आश्रम पर सरकार का कब्जा

रामदेव के आश्रम पर सरकार का कब्जा

शिमला. 22 फरवरी 2013

बाबा रामदेव


बाबा रामदेव के हिमाचल प्रदेश के सोलन में बने पतंजलि योगपीठ पर अब पुलिस और प्रशासनिक अमले का कब्जा है. कल तक जिस योगपीठ में सैकड़ों कार्यकर्ता और मजदूर काम में लगे थे, वहां अब पुलिसकर्मी तैनात हैं. इससे पहले राज्य सरकार ने बाबा रामदेव को मिली लीज रद्द करने की घोषणा की थी.

गौरतलब है कि भाजपा शासनकाल में बाबा रामदेव को हिमाचल प्रदेश के सोलन में मिली जमीन की लीज रद्द कर दी गई है. 99 साल के लिये मिली 96.8 बीघा ज़मीन की लीज कांग्रेस सरकार द्वारा रद्द किये जाने के बाद भी बाबा रामदेव ने कहा था कि 27 फरवरी को प्रस्तावित कार्यक्रम टाला नहीं जाएगा. बाबा यहां पतंजलि योगपीठ में 11 करोड़ की लागत से तैयार हो चुकी अपनी ओपीडी और परामर्श केंद्र सहित प्रथम चरण में स्थापित की गई सुविधाओं को शुरु करने वाले थे.

बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ को भाजपा शासनकाल में सोलन के साधुपुल में ज़मीन दी गई थी. तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने 19 जून, 2010 को योगपीठ का शिलान्यास भी किया था. उस दौरान भी कांग्रेस ने यह कहते हुये लीज पर ज़मीन दिये जाने का विरोध किया था कि यह जमीन महाराजा पटियाला द्वारा इंदिरा हॉली डे होम नामक संस्था को दान दी गई है. इसे लीज पर नहीं दिया जाये. अब जबकि पतंजलि योगपीठ का पहला चरण यहां पूरा हो चुका है और 27 फरवरी को उद्घाटन प्रस्तावित है, तब कांग्रेस सरकार ने जमीन की लीज ही रद्द कर दी है.