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किंगफिशर हवाई अड्डे से बेदलखल

किंगफिशर हवाई अड्डे से बेदलखल

नई दिल्ली. 25 फरवरी 2013

किंगफिशर एयरलाइंस


किंगफिशर एयरलाइंस की बेहतरी की रही-सही उम्मीद भी खत्म हो गई है. नागर विमानन मंत्रालय ने किंगफिशर एयरलाइंस के द्विपक्षीय यातायात अधिकार और घरेलू स्लॉट वापस ले लिये हैं यानी अब किंगफिशर के हाथ से हवाई अड्डे भी छीन गये हैं. नागर विमानन मंत्री अजीत सिंह ने किंगफिशर एयरलाइंस को आवंटित किए गए सभी अंतर्राष्ट्रीय द्विपक्षीय यातायात अधिकार तत्काल प्रभाव से वापस लेने का फैसला किया है.

इस अधिकार के तहत किंगफिशर एयरलाइंस को 8 देशों के लिए उड़ान भरने की अनुमति थी. इनमें से बांग्लादेश, हांगकांग , नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका, थाईलैंड , संयुक्त अरब अमीरात, दुबई, ब्रिटेन के लिए उड़ान शामिल हैं. किंगफिशर एयरलाइंस को यातायात के ये अधिकार वर्ष 2008 और वर्ष 2011 के बीच दिए गए थे.

किंगफिशर एयरलाइंस से अंतर्राष्ट्रीय यातायात अधिकार उसके द्वारा इन मार्गों का इस्तेमाल न किए जाने की वजह से वापस लिया गया है. नागर विमानन मंत्री ने इस अंतर्राष्ट्रीय यातायात अधिकार को अन्य विमानन कंपनी को इस्तेरमाल के लिए उपलब्धत कराने का फैसला किया है. इससे इन 8 देशों के लिए दूसरी भारतीय विमानन कंपनियां हर सप्ताह करीब 25 हजार अतिरिक्त सीटें उपलब्ध करा पाएंगी. इनमें से कुछ की इन विमानन कंपनियों में काफी मांग है. इसी प्रकार किंगफिशर एयरलाइंस को विभिन्न हवाई अड्डों से घरेलू उड़ानों के लिए दिए गए डॉमेस्टिक स्लॉट को वापस लेने का फैसला किया गया है. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण- एएआई को इन्हें अन्य घरेलू विमानन कंपनियों को उनकी मांग के अनुरूप उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.

गौरतलब है कि लगातार घाटे के कारण हिस्सेदारी बेचने समेत तमाम तरह की खबरों के बीच किंगफिशर एयरलाइंस की रिवाइवल रिपोर्ट के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि किंगफिशर एयरलाइंस के हवाई जहाज आकाश में आ सकते हैं. लेकिन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने किंगफिशर के रिवाइवल रिपोर्ट पर अपनी नाखुशी जताई और किंगफिशर से इस प्लान की फंडिंग का पुख्ता भरोसा मांगा.

डीजीसीए ने इसके संबंध में किंगफिशर से लिखित में जानकारी मांग कर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह चाहता है कि किंगफिशर पहले अपने देनदारों से बात कर समस्याओं का हल निकाले. किंगफिशर के वाइस प्रेसिडेंट हितेश पटेल ने डीजीसीए के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर कहा था कि उन्हें यूबी ग्रप से फंडिंग मिलने का भरोसा है. लेकिन डीजीसीए ने किंगफिशर के पिछले रिकॉर्ड देखते हुए उससे कहा कि वह इस फंडिंग पर मजबूत प्लान के साथ प्रतिबद्धता दिखाए.

आईपीएल, फैशन शो करवा कर करोड़ो रुपये खर्च करने वाले विजय माल्या की किंगफिशर पर करीब एक अरब चालीस करोड़ डॉलर का कर्ज़ है. 2005 में शुरु हुई किंगफिशर एयरलाइंस शुरु से ही घाटे में रही है. अब हालत ये है कि किंगफिशर एयरलाइंस को कर्जदाताओं ने आगे कर्ज देने को मना कर दिया है और कर्मचारी लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण हड़ताल पर है. किंगफिशर एयरलाइंस की कई उड़ाने बंद हो गई हैं. इसके बाद किंगफिशर एयरलाइंस ने अपनी हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया. लेकिन उसकी कोई भी तरकीब काम नहीं आई है और अब उससे हवाई अड्डे भी ले लिये गये हैं.


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