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हेलिकॉप्टर घोटाले पर यह कैसी जेपीसी?

हेलिकॉप्टर घोटाले पर यह कैसी जेपीसी?

नई दिल्ली. 28 फरवरी 2013

हेलिकॉप्टर घोटाला


राज्यसभा में हेलिकॉप्टर घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने का प्रस्ताव भले पारित हो गया हो लेकिन लाख टके का सवाल है कि बिना विपक्ष के इस जेपीसी का महत्व क्या होगा ? वामपंथी दलों औऱ तृणमूल कांग्रेस ने भी जेपीसी से पल्ला झाड़ने का संकेत दिया है. भाजपा ने साफ कहा है कि वह जेपीसी से सहमत नहीं है और जेपीसी के लिये यह संभव नहीं है कि अपराधियों से रिश्वतखोरी को उगलवा ले. इधर भाजपा नेता अरुण जेटली ने कहा है कि यह जेपीसी नहीं, कांग्रेस कार्य समिति यानी सीडब्लूसी होगी.

गौरतलब है कि राज्यसभा में संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ ने हेलिकॉप्टर घोटाले पर संयुक्त संसदीय समिति गठित कर जांच कराने का प्रस्ताव रखा था. इस संयुक्त संसदीय समिति में 30 सदस्य होंगे, जिनमें से 20 लोकसभा के और 10 राज्यसभा के होंगे. समिति तीन महीने में अपनी रिपोर्ट देगी. लेकिन उनके प्रस्ताव से असहमति जताते हुये भाजपा ने सदन से वॉकआउट कर दिया.

इससे पहले रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने सदन में कहा कि बतौर रक्षा मंत्री इस घोटाले पर वे शर्मिंदा हैं. एंटनी ने कहा कि जब भी कोई घोटाला सामने आता है, हमें शर्मिंदा कर जाता है. मैं सच का पता लगाना चाहता हूं और दोषियों को सज़ा देना चाहता हूं. उन्होंने कहा कि करदाताओं के पैसे को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि इस मामले में पूरी तरह प्रक्रिया का पालन किया गया. एंटनी ने कहा कि वो कुछ नहीं छुपाएंगे और घोटाले की जड़ तक पहुंचेंगे.

इससे पहले भाजपा ने सरकार पर जांच में देरी का आरोप लगाते हुये जम कर प्रहार किया. भाजपा के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सौदे में 400 करोड़ रुपए घूस के रूप में दिए गए और देश जानना चाहता है कि इटली के जांचकर्ताओं के पास मौजूद दस्तावेज़ों में जिस “परिवार” का ज़िक्र है, वो कौन है. इन दस्तावेज़ों में दो बार इस “परिवार” का ज़िक्र है.

भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने भी कहा कि उनकी पार्टी 3600 करोड़ रूपये के अगस्टा-वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर सौदे की गंभीर और पूर्ण जांच चाहती है और साथ ही चाहती है कि इस जांच की निगरानी अदालत द्वारा की जाए. उन्होंने कहा कि लोकसभा का कार्यकाल साल भर में खत्म हो जाएगा और हम जानते हैं कि जेपीसी अधिक समय लेगी. इसलिए यह जांच को विफल करने का प्रयास है.


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