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रामदेव ने चलाये सोनिया पर तीर

रामदेव ने चलाये सोनिया पर तीर

सोलन. 28 फरवरी 2013

बाबा रामदेव


बाबा रामदेव ने कहा है कि हिमाचल के सोलन में उनकी जमीन की लीज रद्द करने का निर्णय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दबाव में लिया गया है. हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को बाबा रामदेव ने भद्र पुरुष की संज्ञा देते हुये कहा कि वे भी अतीत में मुझे इस राज्य में आमंत्रित कर चुके हैं लेकिन उन्हें केंद्र के दबाव के बाद कार्रवाई करनी पड़ी. बाबा रामदेव ने कहा कि सोनिया गांधी के इस निर्णय पर जनता अपना फैसला सुनाएगी. इधर हिमाचल हाईकोर्ट ने इस मामले में यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया है.

गौरतलब है कि भाजपा शासनकाल में बाबा रामदेव को हिमाचल प्रदेश के सोलन में मिली जमीन की लीज रद्द कर दी गई है. 99 साल के लिये मिली 96.8 बीघा ज़मीन की लीज कांग्रेस सरकार द्वारा रद्द किये जाने के बाद भी बाबा रामदेव ने कहा था कि 27 फरवरी को प्रस्तावित कार्यक्रम टाला नहीं जाएगा. बाबा यहां पतंजलि योगपीठ में 11 करोड़ की लागत से तैयार हो चुकी अपनी ओपीडी और परामर्श केंद्र सहित प्रथम चरण में स्थापित की गई सुविधाओं को शुरु करने वाले थे.लेकिन बाबा रामदेव के हिमाचल प्रदेश के सोलन में बने पतंजलि योगपीठ पर अब पुलिस और प्रशासनिक अमले का कब्जा है. कल तक जिस योगपीठ में सैकड़ों कार्यकर्ता और मजदूर काम में लगे थे, वहां अब पुलिसकर्मी तैनात हैं. इससे पहले राज्य सरकार ने बाबा रामदेव को मिली लीज रद्द करने की घोषणा की थी.

बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ को भाजपा शासनकाल में सोलन के साधुपुल में ज़मीन दी गई थी. तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने 19 जून, 2010 को योगपीठ का शिलान्यास भी किया था. उस दौरान भी कांग्रेस ने यह कहते हुये लीज पर ज़मीन दिये जाने का विरोध किया था कि यह जमीन महाराजा पटियाला द्वारा इंदिरा हॉली डे होम नामक संस्था को दान दी गई है. इसे लीज पर नहीं दिया जाये. अब जबकि पतंजलि योगपीठ का पहला चरण यहां पूरा हो चुका है और 27 फरवरी को उद्घाटन प्रस्तावित था, तब कांग्रेस सरकार ने जमीन की लीज ही रद्द कर दी है. इस मामले को लेकर बाबा रामदेव ने हाईकोर्ट में सरकार के निर्णय के खिलाफ याचिका दायर की है, जिस पर अदालत ने अगले आदेश तक सरकार को यथास्थिति बनाये रखने का निर्णय दिया है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

N.K.Tiwari. [] Ujjain. - 2013-03-01 00:47:34

 
  रामदेव बाबा तब से बाबा नहीं रहे जब वो औरतों के कपड़े पहन कर रामलीला मैदान से भागते पकड़े गए. भगवाधारी के लिए पूरे समाज ने तब तक सम्मान रहता है जब तक वो निष्काम व निष्पक्ष रहे. बाबाजी एक तरफ तो व्यापार कर रहे हैं दूसरी तरफ राजनीति. श्रीमति सोनिया गांधी का नाम ले ले कर जलील कर रहे हैं. अगर आप कोई क्रिया करेंगे तो प्रतिक्रिया तो होगी ही. रामदेव के जितने अनुयायी है वो योग के कारण हैं राजनीति के कारण नहीं. अगले चुनाव में बाबा की गलतफहमी दूर हो जाएगी. 
   
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