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अफजल की फांसी पर विधानसभा में हंगामा

अफजल की फांसी पर विधानसभा में हंगामा

जम्मू. 1 मार्च 2013

अफजल गुरु


संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु को फांसी दिये जाने के मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर विधानसभा में जम कर हंगामा हुआ. अफजल को फांसी दिये जाने से नाराज विधायकों के बीच झूमा झटकी भी हुई, जिसके कारण सदन की कार्रवाई लगातार बाधित होती रही.

विधानसभा की कार्रवाई शुरु होते ही पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने अफजल गुरु की फांसी को लेकर चर्चा कराये जाने की मांग की. पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हम इस मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव चाहते हैं. सत्ताधारी दल नेशनल कांफ्रेंस के सदस्यों ने भी कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिये. इनके समर्थन में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य यूसुफ तारिगामी भी थे. लेकिन इस पर हंगामा शुरु हो गया. विपक्षी सदस्यों ने स्थगन प्रस्ताव के पक्ष में नारेबाजी शुरु कर दी. इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष मुबारक गुल ने सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी.

गौरतलब है कि 2001 में संसद पर हुए आतंकी हमलों के मुख्य आरोपी मोहम्मद अफज़ल गुरु को तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया था और बाद में उसका शव तिहाड़ जेल में ही दफना दिया गया था. उसके परिजनों ने मांग की थी कि उसका शव उन्हें सौंपा जाये लेकिन केंद्र सरकार ने शव सौंपने से इंकार कर दिया था.

13 दिसंबर 2001 को जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैय्यबा नामक आतंकवादी गुटों के पाँच आतंकवादियों ने देश की संसद पर आतंकी हमला कर दिया था. इस हमले में संसद की सुरक्षा में मौजूद दिल्ली पुलिस के पाँच जवान, सीआरपीएफ की एक महिला कांस्टेबल और दो सुरक्षा गार्ड शहीद हो गए थे. बाद में इन सभी आतंकवादियों को सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराया गया था.

पुलिस के अनुसार जैश-ए-मोहम्मद का आतंकवादी अफज़ल गुरु इस मामले का मास्टर माइंड था जिसे पहले दिल्ली हाइकोर्ट द्वारा साल 2002 में और फिर उच्चतम न्यायालय द्वारा 2006 में फांसी की सज़ा सुनाई गई थी. उच्चतम न्यायालय द्वारा भी फांसी सुनाए जाने के बाद गुरु ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका रखी थी, जिसे हाल ही में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने खारिज कर दिया था और फिर ये मामला गृह मंत्रालय के हाथ में ही था. इसके बाद अफजल को गुपचुप तरीके से फांसी दे कर उसका शव तिहाड़ में ही दफना दिया गया था.

अफजल की फांसी के बाद से ही सरकार ने कश्मीर में कर्फ्यू लगा दिया था और विरोध प्रदर्शन की आशंका में इंटरनेट और फोन बंद करवा दिये गये थे. सरकार द्वारा उठाये गये इस कदम को लेकर जम्मू-कश्मीर में हिंसक विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. एक दिन पहले भी विधानसभा में भाजपा और पीडीपी के सदस्यों के बीच मारपीट की नौबत आ गई थी.


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