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मुशर्रफ को होगी फांसी?

मुशर्रफ को होगी फांसी?

इस्लामाबाद. 2 मार्च 2013

परवेज मुशर्रफ


क्या पाकिस्तान लौटने पर जनरल परवेज मुशर्रफ को फांसी हो सकती है ? कम से कम सियासी हलकों में तो इस बात पर ही यकीन किया जा रहा है कि पाकिस्तान लौटने पर मुशर्रफ का जीवन खतरे में पड़ सकता है. पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ भले दावा कर रहे हों कि अंतरिम सरकार बनने के 15 दिन के भीतर वे पाकिस्तान लौट जाएंगे लेकिन पाकिस्तान में लोगों को यकीन है कि फांसी चढ़ाये जाने के डर से मुशर्रफ अब कभी भी पाकिस्तान नहीं लौटेंगे. आम लोगों की राय है कि मुशर्रफ का भी वही हश्र होगा, जैसा देश के दूसरे शीर्ष नेताओं के साथ अब तक होता आया है. पाकिस्तान के हुक्मरान भी मुशर्रफ के पाकिस्तान लौटने पर होने वाली किसी भी सरदर्द को झेलने के लिये तैयार नहीं हैं.

गौरतलब है कि दुबई में जनरल परवेज मुशर्रफ ने एक बार फिर से कहा है कि वे जल्दी ही पाकिस्तान लौटेंगे. 2008 से स्वनिर्वासन झेल रहे मुशर्रफ ने कहा कि मैंने फैसला किया है कि कार्यवाहक सरकार बनने के एक हफ्ते के अंदर मैं पाकिस्तान लौट जाऊंगा. कार्यवाहक सरकार 16 मार्च तक बन सकती है. उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि मेरे खिलाफ मामले हैं और खतरा है. मैं खतरों से नहीं डरता हूं और मैं इसे खुदा पर छोड़ता हूं.

यह पहला अवसर नहीं है, जब परवेज मुशर्रफ ने पाकिस्तान लौटने की बात कही है. पिछले साल जनवरी में भी परवेज मुशर्रफ ने कहा था कि पाकिस्तान को आज की तारीख में उनकी सबसे अधिक जरुरत है और अगर इसके लिये उनकी जान भी चली जाये तो भी वे पाकिस्तान जा कर रहेंगे. उन्होंने कहा था कि देश की जनता को एक सच्चे विकल्प की जरुरत है और वे मानते हैं कि देश की जनता उनकी ओर देख रही है. उन्होंने 27 या 30 जनवरी को पाकिस्तान लौटने का की तारीख भी मुकर्रर की थी. लेकिन पाकिस्तान में सरकार का रुख देखने के बाद मुशर्रफ डर गये.

गौरतलब है कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को पाकिस्तान की एक आतंकरोधी अदालत ने भगौड़ा घोषित कर रखा है. उनके खिलाफ पाकिस्तान की अलग-अलग अदालतों ने गिरफ्तारी के वारंट जारी किए हुये हैं. 2006 में बलोच नेता अकबर खान बुगटी की मौत और 2007 में पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में पाकिस्तान की पुलिस को परवेज मुशर्रफ की तलाश है. दिसंबर 2007 में हुई पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के मामले में रालवपिंडी की अदालत ने उन्हें अदालत में तलब किया था लेकिन वे अदालत में नहीं आये. इसके बाद रावलपिंडी की इस अदालत ने उन्हें फरार घोषित कर दिया. पंजाब सरकार ने पहले ही कह रखा है कि अगर मुशर्रफ ने मुल्क में कदम रखा तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया जायेगा.

जनरल परवेज मुशर्रफ ने 1998 में नवाज शरीफ का तख्ता पलट कर पाकिस्तान की सत्ता पर कब्जा किया था और लगातार उन्होंने 2008 तक पाकिस्तान पर शासन किया. इससे पहले 2001 में मुशर्रफ ने खुद को पाकिस्तान का राष्ट्रपति घोषित कर दिया था. लेकिन 2008 में देश में बनते राजनीतिक दबाव के कारण वे पाकिस्तान से खुद ही निर्वासित हो कर लंदन और दुबई में रह रहे हैं. कहा जाता है कि पाकिस्तान की वर्तमान सरकार परवेज मुशर्रफ को लेकर आक्रमक मुद्रा में है. पाकिस्तानी सत्ता जानती है कि अगर मुशर्रफ मुल्क में लौटे और राजनीति में सक्रिय हुये तो संभव है कि पाकिस्तानी सेना में सत्ता के खिलाफ फिर से कोई विद्रोह की शुरुवात हो जाये. ऐसे में पाकिस्तानी सत्ता चाहती है कि मुशर्रफ या तो मुल्क से दूर रहें या मुल्क में आयें तो सीधे जेल में उनकी जगह बना दी जाये.