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डीएसपी की हत्या में मंत्री का इस्तीफा

डीएसपी की हत्या में मंत्री का इस्तीफा

लखनऊ. 4 मार्च 2013

रघुराज प्रताप सिंह


प्रतापगढ़ में डीएसपी जिया उल हक की हत्या के मामले में आरोपी अखिलेश सरकार के मंत्री रघुराज सिंह ऊर्फ राजा भैय्या ने इस्तीफा दे दिया है. इधर मृतक डीएसपी जिला उल हक की पत्नी परवीन आजाद ने कहा है कि जब तक राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नहीं आते, तब तक वे अपने पति का शव दफन नहीं करेंगी. परवीन आजाद की इस मांग के बाद राज्य के बड़े हलके में आक्रोश का वातावरण बना हुआ है. मृतक डीएसपी के परिजनों ने इस हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की है.

इससे पहले रविवार को शहरी विकास मंत्री आजम खान ने भी तल्ख स्वर में प्रशासन की आलोचना करते हुये कहा था कि डीएसपी की हत्या ने सरकार को समाज के आगे मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा.

गौरतलब है कि प्रतापगढ़ में डीएसपी की हत्या के मामले में नामजद दो आरोपियों गुड्डू सिंह और राजीव सिंह को रविवार को ही गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद बाहुबली मंत्री राजा भैय्या के इस्तीफे की मांग शुरु हो गई थी. राजा भैय्या और उनके चार सहयोगियों के खिलाफ मृतक डीएसपी जिया उल हक की पत्नी परवीन आजाद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

रिपोर्ट में उन्होंने आरोप लगाया था कि शनिवार की रात करीब आठ बजे ग्राम वलीपुर में दो गुटों के बीच फायरिंग की सूचना पाकर मेरे पति अपने दल बल के साथ जब घटनास्थल पर पहुंचे तो तो गुलशन यादव , हरी ओम , रोहित सिंह और गुड्डू सिंह आदि ने उन्हें पकड़ लिया और कहा कि तुम्हे ज़िंदा नही जाने देंगे.

परवीन आजाद ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि गुलशन यादव, हरी ओम, रोहित सिंह और गुड्डू सिंह राजा भैया के गूर्गे है और राजा भैया के कहने पर मेरे पति को जान से मारने की नीयत से वहां पहुंचे थे. इन चारों ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिल कर पहले मेरे पति और डीएसपी जिया उल हक को लाठी , डंडा और सरिया से मारा. जब वह गिर गए तो उनको तमंचे से गोली मार दी.

अल्पसंख्यक समुदाय के डीएसपी जिया उल हक की हत्या के बाद से ही मुलायम सिंह की सरकार दबाव में थी. समाजवादी पार्टी की सरकार में शामिल बाहुबली मंत्री रघुराज सिंह के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग रविवार को तेज हो गई. माना जा रहा था कि सोमवार को इस मुद्दे पर विपक्षी दल हंगामा कर सकता है. उससे पहले मुलायम सिंह ने रघुराज सिंह के इस्तीफे और उसकी मंजूरी की घोषणा की.

इधर रघुराज प्रताप सिंह ऊर्फ राजा भैय्या ने विधानसभा में दावा किया कि जिस समय डीएसपी की हत्या की बात कही जा रही है, उस वक्त वे दो आरोपियों के साथ लखनऊ में मुख्यमंत्री निवास में थे. राजा भैय्या ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Prakash Aley [pappu.aley@gmail.com] Jharkhand - 2013-03-04 15:46:57

 
  अपराधी को सजा जरूर मिलनी चाहिए चाहे वो अपराधी कोई मंत्री ही हो. अपराधी को माफी देना अपराध को बढ़ावा देना है. 
   
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