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आडवाणी ने क्यों साधा भाजपा पर ही निशाना?

आडवाणी ने क्यों साधा भाजपा पर ही निशाना?

नई दिल्ली. 9 मार्च 2013

लाल कृष्ण आडवाणी


भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी द्वारा पार्टी की आलोचना के बाद माना जा रहा है कि चाहे-अनचाहे आडवाणी एक बार फिर पीएम पद की दौड़ में शामिल होने को इच्छुक हैं. हालांकि पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने इसे एक अनुभवी नेता के विचार कहते हुये इस विषय को टालने की कोशिश की है लेकिन राजनीतिक गलियारे में मोदी के खिलाफ झंडा उठाने वालों को इस बयान के बहाने दूर की कौड़ी लाने का एक बेहतर अवसर नजर आ रहा है.

गौरतलब है कि लालकृष्ण आडवाणी ने एक अंग्रेजी पत्रिका को दिये साक्षात्कार में कहा है कि देश की जनता का भारतीय जनता पार्टी से 'कुछ हद तक मोहभंग' हुआ है और इससे वह दुखी हैं. नितिन गडकरी का नाम लिये बिना आडवाणी ने इस बात को लेकर भी अफसोस प्रकट किया कि कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाई एस येदियुरप्पा के मामले में लेट-लतीफ करके भाजपा ने गलत फैसला लिया था.

इस साक्षात्कार में पिछले लोक सभा चुनाव के पीएम इन वेटिंग घोषित किये गये लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि पिछले कुछ सालों से मैं यह देख कर दुखी हूं कि जनता मौजूदा यूपीए सरकार के खिलाफ तो है, लेकिन भाजपा से उसका मोहभंग हुआ है. भाजपा ने कर्नाटक मामले जो रुख अपनाया, उससे वास्तव में मुझे निराशा हुई है.

इस साक्षात्कार में आडवाणी ने कहा है कि पार्टी की महामंथन बैठक में वे काफी भावुक हो गये थे लेकिन आडवाणी ने यह भी जोड़ा कि वे भाजपा के भविष्य के प्रति आशान्वित हैं.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Ajay mishra [ajaymishraadvo@gmail.com] unnao - 2013-03-10 16:47:46

 
  Ambitions in political field is natural but the frustration of a senior leader seems to be blot on his long party service. It is guided by the mentality - main nahi to koi nahi. But his attitude is drawing the faith of party worker for him. 
   
 

Hira lal dhaka [dhakalalhira765@gmail.ocm] sikar rajasthan - 2013-03-10 14:53:56

 
  Advani ji saying truth now voters faith on both major political parties decreased. It welcome-able that a politician accept ground realities.  
   
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