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ऐसा नहीं था राम सिंह-किरण बेदी

ऐसा नहीं था राम सिंह-किरण बेदी

नई दिल्ली. 11 मार्च 2013

गैंगरेप


दिल्ली गैंगरेप के मुख्य आरोपी राम सिंह की मौत को लेकर रहस्य बरकरार है. इधर तिहाड़ जेल की पूर्व प्रमुख और देश की पहली महिला आईपीएस किरण बेदी ने कहा कि राम सिंह से मिल कर ऐसा नहीं लगता कि वो इतना कमजोर आदमी था कि आत्महत्या कर ले. राम सिंह से वो ‘आपकी कचहरी’ कार्यक्रम के दौरान मिल चुकी थीं, जब वो अपने बस मालिक को लेकर आया था. किरण बेदी का कहना था है कि वह अपनी बात मनवाने के लिये किसी हद तक जाने वाला आदमी था.

किरण बेदी का कहना है कि राम सिंह जैसे अभियुक्तों से दूसरे कैदी भी घृणा करते हैं और इस ताक में रहते हैं कि सामने वाले को किस तरह नुकसान पहुंचाया जाये. ऐसे में यह जानना जरुरी है कि राम सिंह की निगरानी किस तरह होती थी और उसके साथ रहने वाले दूसरे कैदी किस तरह के थे. यहां यह गौर करने लायक तथ्य है कि जेल जाने के कुछ दिनों बाद राम सिंह को जेल के अन्य कैदियों ने जमकर पीटा भी था,

किरण बेदी का कहना है कि आत्महत्या के लिये अगर ठान ले तो जेल के भीतर बहुत सारे तरीके हो सकते हैं. पायजामा से लेकर उसका नाड़ा तक इसमें मददगार हो सकता है. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के बाद ही इस मामले की सच्चाई सामने आ सकती है.

गौरतलब है कि पिछले साल 16 दिसंबर को दिल्ली की एक चलती बस में 23 साल की पैरा-मेडिकल छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था और उसे चलती बस से फेंक दिया गया था. इसमें छात्रा बुरी तरह ज़ख्मी भी हुई थी और बाद में सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी. इस गैंगरेप को लेकर देश भर में प्रदर्शन हुये थे. जिस बस में गैंगरेप हुआ था, राम सिंह उसी बस का चालक था और इस क्रूरतम गैंगरेप का मुख्य आरोपी भी था.

जेल प्रशासन के अनुसार सोमवार की सुबह राम सिंह ने अपनी शर्ट से फांसी लगा ली. उसका शव दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में पोस्टमार्टम से लिये भेज दिया गया है. इसके अलावा घटनास्थल की अलावा फोरेंसिक जांच भी की गई है. इधर जेल प्रशासन ने मामले की मेट्रोपॉलिटन मेजिस्ट्रेट से जांच की अनुशंसा की है.

जेल अधिकारियों का कहना है कि राम सिंह ने जेल नंबर 3 में अपने बैरक में शर्ट को फंदा बना कर ग्रील में फांसी लगा ली, वहीं राम सिंह के परिजन और उनके वकील को जेल अधिकारियों की बात पर यकीन नहीं है. राम सिंह के वकील का कहना है कि राम सिंह की मौत को लेकर जेल विभाग के तर्क हास्यास्पद हैं और उसकी मौत एक साजिश है. राम सिंह के वकील वी के आनंद का कहना है कि सोमवार को राम सिंह की पेशी थी और वह अपने मामले की प्रगति से खुश था. ऐसे में उसकी आत्महत्या की बात गले उतरने वाली नहीं है.


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