पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >उ.प्र. Print | Share This  

माननीय राजा भैया के खिलाफ गवाह नहीं

माननीय राजा भैया के खिलाफ गवाह नहीं

लखनऊ. 11 मार्च 2013

रघुराज प्रताप सिंह


प्रतापगढ़ के कुंडा में मारे गए डीएसपी जिया-उल-हक की हत्या के मामले में सीबीआई राजा भैय्या के खिलाफ अब तक एक भी गवाह नहीं ढूंढ पाई है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और बाहुबली नेता रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को कुंडा का गुंडा कहा जाता था लेकिन अब विधायक बन चुके राजा भैया को सरकारी हलको में माननीय कहा जाता है. इस माननीय राजा भैया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद माना जा रहा था कि उनकी कभी भी गिरफ्तारी हगो सकती है. लेकिन प्रारंभिक जांच-पड़ताल के बाद कुंडा में राजा भैया के खिलाफ बोलने के लिये कोई भी शख्स तैयार नहीं है.

गौरतलब है कि डीएसपी जिया-उल-हक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ-साफ कहा गया था कि मृत डीएसपी के शव पर जख्मों के निशान पाए गए. इसका साफ मतलब यह माना गया कि गोली मार कर हत्या करने से पहले उनके साथ मारपीट भी की गई थी. इसके बाद साजिश वाले पक्ष की अनदेखी करना मुश्किल था. इससे पहले मृतक की पत्नी ने भी गंभीर आरोप लगाये थे.

प्रतापगढ़ में डीएसपी की हत्या के मामले में नामजद दो आरोपियों गुड्डू सिंह और राजीव सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद बाहुबली मंत्री राजा भैय्या के इस्तीफे की मांग शुरु हो गई थी. राजा भैय्या और उनके चार सहयोगियों के खिलाफ मृतक डीएसपी जिया उल हक की पत्नी परवीन आजाद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

रिपोर्ट में उन्होंने आरोप लगाया था कि गुलशन यादव, हरी ओम, रोहित सिंह और गुड्डू सिंह राजा भैया के गूर्गे है और राजा भैया के कहने पर मेरे पति को जान से मारने की नीयत से वहां पहुंचे थे. इन चारों ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिल कर पहले मेरे पति और डीएसपी जिया उल हक को लाठी, डंडा और सरिया से मारा. जब वह गिर गए तो उनको तमंचे से गोली मार दी.

अल्पसंख्यक समुदाय के डीएसपी जिया उल हक की हत्या के बाद से ही मुलायम सिंह की सरकार दबाव में थी. समाजवादी पार्टी की सरकार में शामिल बाहुबली मंत्री रघुराज सिंह के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग रविवार को तेज हो गई. माना जा रहा था कि इस मुद्दे पर विपक्षी दल हंगामा कर सकता है. उससे पहले मुलायम सिंह ने रघुराज सिंह के इस्तीफे और उसकी मंजूरी की घोषणा की.

इधर रघुराज प्रताप सिंह ऊर्फ राजा भैय्या ने विधानसभा में दावा किया कि जिस समय डीएसपी की हत्या की बात कही जा रही है, उस वक्त वे दो आरोपियों के साथ लखनऊ में मुख्यमंत्री निवास में थे.

सीबीआई की जांच की शुरुवात के बाद कहा जा रहा था कि राजा भैया को सीबीआई गिरफ्तार कर सकती है लेकिन सीबीआई इस बात को लेकर परेशान है कि वह अब तक राजा भैया के खिलाफ एक भी गवाह तलाश नहीं कर पाई है. सीबीआई ने फोन नंबर और ईमेल का पता भी जारी कर लोगों से गवाही देने की की अपील की है. जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखने और उसकी सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया है. इधर बलिपुर के लोगों की भी वापसी के लिये सीबीआई ने अपील जारी की है लेकिन बलिपुर के लोग अब तक गांव लौटने के लिये तैयार नहीं हैं.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in