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पुलिस सुधार पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

पुलिस सुधार पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

नई दिल्ली. 11 मार्च 2013

उच्चतम न्यायालय


उच्चतम न्यायालय ने पुलिस सुधार हेतु दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रियान्वन के बारे में सोमवार को राज्य सरकारों और केंद्र सरकार से जवाब मांगा. न्यायमूर्ति जी एस संघवी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने पंजाब के तरणतारण में एक लड़की की पुलिसकर्मियों द्वारा सरेआम पिटाई और पटना में शिक्षकों पर पुलिस लाठी चार्ज की घटना पर पंजाब और बिहार सरकार को आड़े हाथों लिया.

खंडपीठ ने आदेश देते हुए कहा कि दोनों सरकार इन मामलों में हुई कार्रवाई के बारे में सात दिन के भीतर हलफनामा दाखिल करें. इसके साथ ही खंडपीठ ने कहा है कि, “गृह मंत्रालय के सचिव द्वारा केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, केन्द्र शासित प्रदेशों, मुख्य सचिवों, गृह सचिवों और सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और केन्द्र शासित प्रदेशों में पुलिस आयोगों को प्रकाश सिंह प्रकरण में न्यायालय द्वारा पुलिस सुधार के लिए दिए गए निर्देशों के अमल के संबंध में नोटिस जारी किए जाए.”

उल्लेखनीय है कि पंजाब के तरणतारण में एक ट्रक ड्राइवर और उसके साथियों द्वारा परेशान किए जाने और अभद्र व्यवहार करने की शिकायत करने वाली लड़की की पुलिसकर्मियों ने सरेराह पिटाई कर दी थी और पटना में विधानसभा के बाहर नौकरी में नियमित करने और समान वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे संविदा शिक्षकों पर पुलिस ने लाठी चार्ज करने के बाद आंसू गैस के गोले दागे थे. इन घटनाओं के मीडिया में आने के बाद उच्चतम न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पिछले सप्ताह ही इन राज्य सरकारों से ऐसी घटनाओं के बारे में जवाब मांगा था.
 


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