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नये पोप की सेक्स संबंधों पर पुरानी राय

नये पोप की सेक्स संबंधों पर पुरानी राय

वैटिकन. 14 मार्च 2013

पोप बेरगोगलियो फ्रांसिस प्रथम


वैटिकन सिटी में चुने गये नए पोप कार्डिनल जॉर्ज मारियो बेरगोगलियो सेक्स संबंधों और गर्भपात जैसे मुद्दों पर पुरानी राय रखते हैं. उनका साफ कहना है कि समलैंगिकता को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. पुराने पोप जहां गर्भनिरोधक के इस्तेमाल के पक्षधर थे तो नये पोप इसके खिलाफ हैं.

मारियो बेरगोगलियो अब पोप फ्रांसिस प्रथम के नाम से जाने जाएंगे. वे 266वें पोप होंगे और दुनिया भर के लगभग 1.5 अरब ईसाइयों का नेतृत्व करेंगे. फ्रांसिस प्रथम फ़ुटबाल के प्रशंसक हैं और ब्यूनस आयर्स की टीम को पसंद करते हैं. नये पोप गर्भ निरोध के खिलाफ हैं और समलैंगिक विवाह को भी नापसंद करते हैं. गर्भपात को लेकर भी नये पोप के विचार पुरातनपंथी ही हैं. हालांकि नये पोप को सादा जीवन के कारण ज्यादा जाना जाता है क्योंकि वे आज भी एक साधारण फ्लैट में रहते हैं और मेट्रो, बस में सफर करते रहे हैं.

ज्ञात रहे कि पिछले महीने पोप बेनेडिक्ट 16वें ने खराब सेहत का हवाला देते हुए अपना पद छोड़ दिया था, जिसके बाद नए पोप को चुनने की प्रक्रिया शुरू हुई थी. बेनेडिक्ट 16वें ने ऐसे समय में पोप का पद छोड़ा था, जब कैथोलिक चर्च बाल यौन शोषण और वैटिकन में भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रहा है.

पोप के रूप में चुने जाने के बाद सबसे पहले उन्होंने ऐतिहासिक सेंट पीटर्स बैसिलिका की बालकनी में आकर वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि मेरे कार्डिनल भाइयों को पोप चुनने के लिए दुनिया के अंतिम छोर तक जाना पड़ा. पोप को दो तिहाई बहुमत से चुना गया. पोप की चुनाव प्रक्रिया में 115 कार्डिनल ने भाग लिया है. भारत से भी 5 कार्डिनल इस प्रक्रिया में शामिल थे.