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मनी लॉन्ड्रिंग में शुरु हुई जांच

मनी लॉन्ड्रिंग में शुरु हुई जांच

नई दिल्ली. 16 मार्च 2013

बैंक


काला धन को सफेद बनाने के काम में शामिल होने के आरोपों में फंसे बैंकों ने कार्रवाई शुरु कर दी है. आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक ने अपने स्तर पर आरोपों की जांच शुरू कर दी है. आईसीआईसीआई बैंक ने जांच पूरी होने तक शुक्रवार को ही अपने 18 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया था, वहीं एक्सिस बैंक ने भी शनिवार को 16 अधिकारियों को जांच पूरी होने तक प्रशासनिक कार्यालयों को रिपोर्ट करने को कहा है. दूसरी ओर एचडीएफसी बैंक ने इन आरोपों के बाद जांच के लिए अलग अलग समितियां गठित की हैं.

गौरतलब है कि 14 मार्च को कोबरा पोस्ट ने दावा किया था कि एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक काला धन को सफेद बनाने के धंधे में जुटे हुये हैं. ऑपरेशन रेड स्पाइडर द्वारा एक स्टिंग ऑपरेशन करके पत्रकार अनिरुद्ध बहल ने यह सनसनीखेज राज सामने लाया था कि इन तीनों बैंकों द्वारा फेमा के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए डिमांड ड्राफ्ट के जरिए ब्लैक मनी जमा किए जाते हैं. ऐसा करने वाले ग्राहकों से केवाईसी यानी नो योर कस्टमर और पैन तक नहीं मांगे जाते हैं. एक नेता का एजेंट बन कर किये गये स्टिंग ऑपरेशन में यह राज सामने आया था.

काला धन को सफेद बनाने वाले इन तीनों बैंकों- एचडीफीसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के दर्जनों ब्रांचों में कोबरा पोस्ट की टीम गई और उसने सैकड़ों घंटों की रिकार्डिंग की थी. इन रिकार्डिंग से यह बात सामने आई कि इन तीनों बैंकों में मनी लाउन्ड्रिंग का गोरखधंधा बेरोकटोक चलाया जा रहा है.

कोबरा पोस्ट के पत्रकार अनिरुद्ध बहल का दावा था कि इन बैंकों की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग की सेवाओं का बिल्कुल खुले तौर पर पेशकश की जाती है. वैसे कस्टमर्स को भी ये सुविधाएं दी जाती हैं, जो गैर कानूनी रकम को निवेश करना चाहते हैं. गैर-कानूनी तरीके से कमाई गई नकद राशि को निवेश करने के लिए कई बेखौफ विकल्प सुझाए गए. अनिरुद्ध बहल का कहना है कि आसानी से पैसे जमा करवाने और ज्यादा मुनाफों के लिए ये बैंक पूरी तरह से नियमों की अनदेखी कर रहे हैं. बैंकों का प्रबंधन जानबूझ कर सुनियोजित तरीके से आयकर कानून, फेमा, रिजर्व बैक के मानदंडों, केवाईसी के नियमों, बैंकिंग ऐक्ट, प्रिवेंशन ऑफ मनी लाउन्ड्रिंग ऐक्ट की धज्जियां उड़ा रहे हैं.


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