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गुजरात के दंगों पर नहीं बोले मोदी

गुजरात के दंगों पर नहीं बोले मोदी

नई दिल्ली. 17 मार्च 2013

नरेंद्र मोदी


गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उनका सपना भारत को हथियार बेचने वाला देश बनाने का है. इंडिया टुडे कॉनक्लेव में देश के समग्र विकास के लिए बोलते हुये नरेंद्र मोदी ने गुजरात दंगों पर बार-बार कुरेदे जाने के बाद भी कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया. इंडिया टूडे के समूह संपादक अरुण पुरी ने भी उनसे मुख्यमंत्री के बतौर गुजरात दंगों की जिम्मेवारी लेने पर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वे कई बार बोल चुके हैं, पुराने रिकार्ड देख लें. पुरी ने फिर से उसे दुहराने को कहा लेकिन दंगों के दाग से परेशान मोदी ने अंत तक इस मुद्दे पर मुंह नहीं खोला.

नरेंद्र मोदी ने इंडिया टुडे कॉनक्लेव में देश के विकास में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किए जाने पर जोर देते हुए कहा कि भारत को वैसे देशों जहां सौर ऊर्जा की भरमार है का नेतृत्व करते हुए सौर ऊर्जा मूवमेंट चलाना चाहिए. इससे देश में बिजली की कमी से मुक्ति पायी जा सकती है. उन्होंने कहा कि गुजरात में हमने नहरों के ऊपर सोलर पैनल बिछाए. प्रति एक किलोमीटर सोलर पैनल से एक मेगावाट बिजली का उत्पादन ही नहीं होता, इससे एक करोड़ लीटर वैसे पानी की बचत भी होती है, जिनका पहले वाष्पीकरण हो जाता था.

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेलवे को बुनियादी जरूरतों का निजीकरण किए जाने की वकालत करते हुए कहा कि वातावरण में सोच की कमी है. उन्होंने कहा कि दूषित जल प्रबंधन और सालिड वेस्ट मैनेजमेंट जिससे वातावरण और स्वास्थ्य पर असर पड़ता है उसका निजीकरण किया जा सकता है तो रेलवे जैसी संस्थाओं का क्यों नहीं. उन्होंने कहा कि रेलवे के 10 सालों का बजट देखिए. इसमें विकास नहीं दिखता. इसमें कोच, नए ट्रेन और नई लाइनों के विषय में ही चर्चा होती रही है. लेकिन इसमें बंदरगाहों को मुख्य शहरों से जोड़ने की बातें कभी नहीं की गई. तो इसमें बदलाव की जरूरत है क्योंकि इसमें विकास से नहीं दूर-दूर तक नाता.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में सरकारें 5 सालों के लिए आती हैं और चली जाती हैं. प्रजातंत्र का मतलब केवल चुनाव नहीं होता. प्रजातंत्र का मतलब है कि सरकार और आम जनता मिलकर देश के विकास के लिए काम करे. लोगों की सोच बदलनी होगी. नरेगा में काम कर रहे लोगों को यह सोचना चाहिए कि वो देश के लिए 100 दिन दे रहा है. उसे नरेगा को 100 दिनों के रोजगार के अवसर के रूप में नहीं देखना चाहिए. नरेगा का नाम बदल कर ‘100 दिनों का डेवलपमेंट गारंटी स्कीम’ कर देना चाहिए. इससे ही देश में विकास होगा.

उन्होंने कहा कि रेल, एयरपोर्ट बनने से सिर्फ विकास नहीं होता. जनता को, लोगों को विकास से जोड़ना जरूरी है. जब तक जनता विकास से सीधी नहीं जुड़ती देश का समुचित विकास नहीं होगा. लोगों की सोच बदलनी होगी. जब तक वो यह नहीं सोचेंगे कि मैं जो काम कर रहा हूं वो देश के लिए कर रहा हूं तब तक विकास नहीं होगा. उन्होंने कहा कि टैक्स की चोरी नहीं होनी चाहिए. कंप्यूटर पर जब मैंने एक शहर की सूची देखी तो नगर के बड़े-बड़े नामों के टैक्स ही बाकी थे. मैंने अधिकारियों से कहा कि इन्हें नोटिस देने से एक रुपया नहीं मिलेगा. मैंने कहा कि लोगों को एक समय दो और साथ ही चेतावनी कि अगली बार ढोल के साथ आएंगे. तो वो अपना टैक्स जरूर देगा और तय मानिए कि इससे 98 फीसदी टैक्स वसूली हो जाएगी.

नरेंद्र मोदी ने कहा कि गुजरात ने तकनीक की मदद से 16 लाख फर्जी राशन कार्डों से मुक्ति पाई. यहां महिला शिक्षा हमने चैलेंज के रूप में लिया. स्कूलों से ड्रॉप आउट जो पहले 40 फीसदी था वो घटकर अब 2 फीसदी पर आ गया है. प्रजातंत्र का सबसे मजबूत आधार है शिकायत निवारण प्रणाली का होना. मैंने कभी अपने अधिकारियों से यह नहीं पूछा कि क्या नहीं हुआ है. मैं हमेशा यह पूछता हूं कि उन्होंने सबसे अच्छा क्या किया है.

रिटेल में एफडीआई के मामले पर नरेंद्र मोदी ने कहा कि इससे देश में गैर वांछित सामानों का ढेर लग जाएगा. इससे स्थानीय उत्पाद ईकाईयों को हानि पहुंचेगी. मोदी ने एफडीआई पर बहुमूल्य सुझाव देते हुए कहा कि पहले खिड़की खोलनी चाहिए फिर एक दरवाजा फिर दूसरा. उन्होंने कहा कि हमारे पास ऐसी दो चीजें हैं जो चीन से बेहतर हैं. पहलाः देश में युवाओं की तादाद देश की आबादी की 65 फीसदी है. दूसराः हमारे पास प्रजातंत्र है. लेकिन हम इनमें से किसी का सही इस्तेमाल नहीं कर रहे. हमें विचारों का संस्थागत तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए. यह नेता और व्यक्ति केंद्रित नहीं होना चाहिए.


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