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नीतीश ने दिल्ली में दिखाई ताकत

नीतीश ने दिल्ली में दिखाई ताकत

नई दिल्ली. 17 मार्च 2013

नीतीश कुमार


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को कहा है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देकर केंद्र सरकार को यह साबित करना होगा कि आवाज दिल से निकली है या नहीं. दिल्ली के रामलीला ग्राउंड में हुई अधिकार रैली में नीतीश कुमार ने कहा कि देश की राजधानी में पहली बार बिहारियों ने अपने हक को हासिल करने के लिए इस तरह की ताकत दिखाई है. उन्होंने बिहार के पिछड़ेपन के लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया.

नीतीश कुमार ने कहा कि अभी नहीं तो 2014 में विशेष राज्य का दर्जा देना ही होगा. दिल्ली में वही बैठेगा, जो विशेष राज्य का दर्जा देगा. बिहारी बुद्धू नहीं हैं. दिल से आवाज निकली है या नहीं, वह यह समझता है. उन्होंने कहा कि विशेष राज्य की लड़ाई रोचक दौर में पहुंच चुकी है. उन्होंने कहा,'दिल्ली में यह झांकी है, लोगों ने अंगडाई ली है. अभी तो पूरी लड़ाई बाकी है.

बिहारियों के पलायन के बहाने नीतीश कुमार ने कहा कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में बिहार के लोग दिल्ली में रहने को क्यों मजबूर हुए? एक जमाने में सत्ता बिहार से चलती थी. आजादी के बाद बिहार पिछड़ता चला गया. बिहार में प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से काफी कम है. विकास के लिए प्रति व्यक्ति खर्च राष्ट्रीय औसत से आधा है. मानवीय विकास सूचकांक में भी बिहार पीछे है. ऐसी स्थिति में बिहार के लिए केंद्र को विशेष क्यों नहीं सोचना चाहिए? विकास हमारा भी अधिकार है. नीतियां ऐसी बनीं जिसने बिहार को पीछे धकेल दिया. उद्योग धंधे बंद हो गए.

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुये नीतीश कुमार ने कहा कि हम भले ही पर्वतीय राज्य नहीं हैं, लेकिन वहां की नदियां बिहार में हर साल विनाश करती हैं. पूरा राज्य लैंड लॉक्ड है. इसलिए बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाना चाहिए. पीएम की कमिटी ने भी स्वीकार किया था, लेकिन मापदंड का बहाना बनाकर अस्वीकर कर दिया गया. उन्होंने कहा कि ऐसा कहा जा रहा है कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देंगे तो दूसरे राज्यों को भी देना होगा. हम इसके विरोधी नहीं हैं. राष्ट्रीय औसत से जो भी राज्य नीचे है, उन्हें यह दर्जा मिलना चाहिए. हम बिहार की लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं. सभी पिछड़े राज्यों की लड़ाई भी लड़ रहे हैं.


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