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सख्ती से की जाए कर्ज वसूली: चिदंबरम

सख्ती से की जाए कर्ज वसूली: चिदंबरम

नई दिल्ली. 18 मार्च 2013

indian rupee


केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम का कहना है कि बैंको को कर्ज वसूली प्रक्रिया में सख्ती बरतनी चाहिए. सार्वजनिक क्षेत्र और वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों से मिलने के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए चिदंबरम ने कहा कि ऋण वसूली एक बढ़ती हुई समस्या है और इससे निपटने के लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि बैंको को चाहिए कि वे सिर्फ काबिल प्रमोटरों को ही कर्ज दें.

बैंको और अन्य वित्तीय संस्थानों को खस्ताहाल कंपनियों के अमीर और प्रभावशाली प्रमोटरों से बचने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं चल सकता कि प्रमोटर ऋण की राशि से मौज करें और उनकी कंपनी कर्ज में डूबी रहे. उन्होंने विभिन्न वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों को निर्देश दिए की वे सुनिश्चित करें कि बैंकों की गैर-निष्पादित राशि (एनपीए) में और बढ़ोत्तरी न हो और साथ ही कर्ज वसूली के लिए सख्ती बरती जाए.

उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों की गैर-निष्पादित राशि (एनपीए) मार्च 2011 में 71,800 करोड़ रुपए थी जो कि बढ़कर इस वित्तीय वर्ष के दिसंबर महीने तक बढ़कर 1.55 लाख करोड़ रुपए हो गई है. चिदंबरम ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2013 में सरकारी बैंकों में पूंजी डालने की प्रक्रिया करीब-करीब पूरी हो चुकी है. 3 निजी बैंको पर लगे मनी लॉंडरिंग के आरोपों के बारे में वित्त मंत्री का कहना था कि आरबीआई और वित्त मंत्रालय इस मामले की जाँच कर रहे हैं.


 


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