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हथियार खरीदी में भारत सबसे आगे

हथियार खरीदी में भारत सबसे आगे

नई दिल्ली. 19 मार्च 2013

हथियार


भारत दुनिया में हथियारों का सबसे बड़ा खरीदार बन गया है. भारत दुनिया भर के करीब 16 प्रतिशत हथियारों का आयात करता है, वहीं चीन छह प्रतिशत हथियारों का आयात करता है. मतलब ये कि चीन की तुलना में भारत सौ प्रतिशत से भी अधिक हथियारों का आयात करता है. भारत के बाद दूसरे नंबर पर चीन और तीसरे नंबर पर पाकिस्तान है. 'द स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट' नाम की संस्था की एक रिपोर्ट में ये तथ्य सामने आया है.

इस रिपोर्ट के अनुसार आंकड़े बताते हैं कि 2005-2007 के दौरान भारत ने जितने हथियारों का आयात किया था उससे करीब 59 प्रतिशत अधिक हथियारों का आयात उसने 2008-2012 में किया है. हथियार निर्यात करने वालों में चीन भी शामिल है और चीन के कुल निर्यात का करीब 55 प्रतिशत हथियार केवल पाकिस्तान को दिया जाता है.

2008 से 2012 के बीच अमरीका, रूस, जर्मनी, फ्रांस और चीन दुनिया में परंपरागत हथियार बेचने वाले पांच सबसे बड़े देश थे. दुनिया भर में हथियारों की कुल बिक्री में अमरीका की 30 प्रतिशत और रूस की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी की तुलना में चीन की पांच प्रतिशत की हिस्सेदारी हालांकि बहुत कम है.

2008 से 2012 के बीच प्रमुख़ हथियारों और सैन्य उपकरणों के निर्यात में अमरीका ने कुल शस्त्र-निर्यात के 30 प्रतिशत हिस्से का निर्यात किया है और हमेशा की तरह वह पहले नम्बर पर है. दूसरे नम्बर पर रूस का नाम आता है, जिसने इस दौर में कुल 26 प्रतिशत हथियारों का निर्यात किया है. इसके बाद अपने 7 प्रतिशत के आँकड़े के साथ जर्मनी, 6 प्रतिशत आंकड़ों के साथ फ़्राँस का नम्बर है. पाँचवे नम्बर पर चीन है, जिसने कुल पाँच प्रतिशत हथियारों का निर्यात किया है.

आंकड़े बताते हैं कि 2008-12 के दौरान भारत ने इस दौरान रूस से 100 से ज्यादा सुखोई -30 एमकेआई लड़ाकू विमान, तीन एन-50 ईएचआई एयरबॉर्न अर्ली वार्निग एयरक्राफ्ट, परमाणु पनडुब्बी और अमरीका से 8 ऐटी सबमरीन एयरक्राफ्ट आयात किए हैं. वहीं रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2003-07 के मुकाबले 2008-12 में चीन का हथियारों का निर्यात 17 प्रतिशत बढ़ गया.
 


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