पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >अर्थ > Print | Share This  

आरबीआई कर रहा निजी बैंकों का ऑडिट

आरबीआई कर रहा निजी बैंकों का ऑडिट

नई दिल्ली. 19 मार्च 2013

money laundering


भारतीय रिज़र्व बैंक ने मनी लॉंडरिंग के आरोपों का सामना कर रहे देश के तीन बड़े बैंक एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक की शाखाओं की जाँच शुरु कर दी है. रिजर्व बैंक ने सोमवार को इस आशय में एक बयान जारी कर बताया कि आरबीआई इन तीनों बैंकों के मुख्यालयों और कुछ शाखाओं की व्यापक जाँच करना शुरु कर चुका है और 31 मार्च तक इस जाँच की अंतिम रिपोर्ट पूरी हो जाएगी और फिर इन बैंकों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

उल्लेखनीय है कि इन तीन बैंकों एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक पर मनी लॉडरिंग में लिप्त होने तथा केवाईसी और फेमा जैसे महत्वपूर्ण नियमों की अनदेखी करने के आरोप हैं. कोबरा पोस्ट ने स्टिंग ऑपरेशन `रेड स्पाइडर’ किया था और आरोप लगाया था कि ये तीन बड़े बैंक ब्लैक मनी को वाइट मनी में बदलने के गोरखधंधे में लगे हुए हैं.

कोबरा पोस्ट ने आरोप लगाया है कि बैंकिंग सिस्टम को जरिया बनाकर काला धन विदेशों में भेजा जा रहा है जिस प्रक्रिया में ये तीन बैंक लिप्त हैं. कोबरापोस्ट के स्टिंग से ये बात सामने आई थी कि इन तीनों बैंकों में मनी लाउन्ड्रिंग का गोरखधंधा बेरोकटोक चलाया जा रहा है साथ ही फेमा और केवाईसी नियमों की खुलकर अनदेखी हो रही है.

अब भारतीय रिजर्व बैंक ने मामले पर संज्ञान लेते हुए इन तीनों बैंकों की व्यापक जाँच के लिए 30 टीमें गठित की हैं जो कि इन बैंकों की विभिन्न शाखाओं और मुख्यालयों का विशेष ऑडिट करेंगी. बताया जा रहा है कि वित्त मंत्रालय भी इस मामले पर नज़र रखे हुए है.
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in