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संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी प्रस्ताव पर वोटिंग आज<

संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी प्रस्ताव पर वोटिंग आज

वॉशिंगटन. 21 मार्च 2013


श्रीलंका में मानवाधिकार उल्लंघन के संबंध में अमरीका प्रस्ताव गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के समक्ष पेश होगा. अमरीका ने इस प्रस्ताव में श्रीलंका से मानवाधिकार उल्लंघनों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय जाँच कराने को कहा है. प्रस्ताव के मसौदे में श्रीलंका से लेसन्स लंन्र्ट एंड रिकंसिलियेशन कमिशन की रिपोर्ट में की गयी सिफारिशों को भी लागू करने के लिये कहा गया है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में गुरुवार को ही इसके संबंध में वोटिंग की जाएगी. बताया जा रहा है कि नए मसौदे में श्रीलंकाई सरकार द्वारा देश में आधारभूत संरचनाओं के पुनर्निर्माण, खनन रोकने और विस्थापितों के पुनर्वास की दिशा में की गई प्रगति की सराहना की गई है और उससे अपील की गई है कि वो जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करे जिसमें राजनीतिक अधिकारों का हस्तांरण भी शामिल है.

उल्लेखनीय है कि इस मसले पर ये अमरीका का संशोधित प्रस्ताव है. अमेरिका ने इस नए प्रस्ताव को पहले के मुकाबले और हल्का किया है. जैसे तमिलों के खिलाफ हुई हिंसा की अंतरराष्ट्रीय जांच कराए जाने की मांग को प्रस्ताव के मुख्य हिस्से से हटाकर प्रस्तावना में रख दिया गया है. इसके अलावा पूरे प्रस्ताव में कहीं भी जेनोसाइड यानी जातीय नरसंहार शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है, जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि ये प्रस्ताव यूएनएचआरसी में पारित हो जाएगा.

वहीं श्रीलंकाई विदेश मंत्री जीएल पेइरिस ने अमरीकी प्रस्ताव की निंदा करते हुए कहा है कि देश संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में पेश होने वाले अमेरिका समर्थित प्रस्ताव के अंतिम मसौदे को खारिज करेगा क्योंकि पेइरिस के अनुसार इस प्रस्ताव में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए उनके देश को ‘अपमानित’ करके उसे ‘अलग थलग’ करने की मांग की गई है.


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