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सेबी के खिलाफ विज्ञापन, सहारा को नोटिस

सेबी के खिलाफ विज्ञापन, सहारा को नोटिस

लखनऊ. 22 मार्च 2013

सुब्रत रॉय सहारा


इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सहारा इंडिया परिवार समूह और उसके प्रमुख सुब्रत राय द्वारा भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के खिलाफ प्रकाशित विज्ञापन के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनो के खिलाफ नोटिस जारी किया है. उल्लेखनीय है कि लखनऊ निवासी भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी अमिताभ ठाकुर एवं उनकी सामाजिक कार्यकर्ता पत्नी नूतन ठाकुर ने सहारा इंडिया परिवार समूह और सुब्रत राय के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी.

इस जनहित याचिका में कहा गया था कि सहारा इंडिया परिवार समूह एवं सुब्रत राय ने निवेशकों के हितों और शेयर बाजार पर नियंत्रण रखने के लिए विधि द्वारा स्थापित प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के खिलाफ द्वारा 17 मार्च, 2013 को प्रमुख समाचार पत्रों में विज्ञापन के माध्यम से स्पष्टतया आपत्तिजनक बातें कहीं. इसके साथ ही विज्ञापन में न्यायमूर्ति बी एन अग्रवाल की भी निंदा की गई, जबकि सेबी और न्यायमूर्ति अग्रवाल अपने कर्तव्य का निर्वाहन कर रहे हैं.

इसके साथ ही इस जनहित याचिका में ऐसे विज्ञापनों पर रोक लगाने और सहारा इंडिया व इसके प्रमुख सुब्रत राय के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाने की मांग की गई थी. अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति उमा नाथ सिंह और न्यायमूर्ति डॉ. सतीश चंद्रा की अध्यक्षता वाली लखनऊ बेंच ने इस चाचिका पर सुनवाई करते हुए इस विज्ञापन को कानून विरुद्ध माना है और सहारा इंडिया परिवार समूह और उसके प्रमुख सुब्रत रॉय के खिलाफ नोटिस जारी किया है. मामले की आगे की सुनवाई 2 अप्रैल को होगी.
 

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

AKHILESH JEE [akhileshjee33@.gmail.com] ARA - 2013-03-22 16:38:38

 
  लाइफ इंश्योरेंस और गैर बैंकिंग कंपनियों के कामों की भी जाँच होनी चाहिए.  
   
 

mahtab ahmad khan [] - 2013-03-22 16:08:38

 
  सहारा के मालिक जनता को बेवकूफ बना रहे हैं.  
   
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