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हेलीकॉप्टर सौदे में हुआ भ्रष्टाचार: एंटनी

हेलीकॉप्टर सौदे में हुआ भ्रष्टाचार: एंटनी

लखनऊ. 22 मार्च 2013

रक्षामंत्री ए.के.एंटनी


रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी ने स्वीकार किया है कि अति विशिष्ठ लोगों के लिए हुए हेलीकॉप्टर सौदे में भ्रष्टाचार हुआ है. संवाददाताओं से बातचीत करते हुए श्री एंटनी ने कहा कि “हां, हेलीकॉप्टर सौदे में भ्रष्टाचार हुआ है और रिश्वत ली गई है. केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) इस मामले की गहनता से जाँच कर रही है, जिसके बाद मामले की सच्चाई खुद-ब-खुद सबके सामने आ जाएगी और मामले में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.”

एंटनी ने यह भी कहा कि नई रक्षा खरीद नीति जल्द ही तैयार हो जाएगी और उसमें ये ध्यान रखा जाएगा कि आगे से ऐसे घोटाले नहीं हो पाएंगे.

उल्लेखनीय है कि इटली की एयरोस्पेस और डिफेंस निर्माण कंपनी फिनमैकानिका से खरीदे गये 12 एडब्ल्यू-101 हेलिकॉप्टरों में भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने की जांच के बाद कंपनी के मुखिया गियूसेप्पे ओरसी को इटली सरकार द्वारा दबोचा गया था. दरअसल रक्षा मंत्रालय ने फिनमैकानिका से 2010 में करीब 3600 करोड़ रुपए में 12 अति सुरक्षित अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टरों की ख़रीददारी की थी.

ओरसी के पकड़े जाने के बाद अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने इटली सरकार की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुये यह सनसनीखेज राज खोला है कि फिनमेकेनिका एयरोस्पेस डिफेंस कंपनी ने डील के लिए तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी को मध्यस्थों के माध्यम से रिश्वत की रकम पहुंचाई थी.

मामले के सामने आने के बाद भाजपा ने रक्षामंत्री का नाम भी हेलिकृप्टर घोटाले में खींचते हुए उनके इस्तीफे की मांग की थी लेकिन उस समय एंटनी ने यह कह कर मांग को खारिज कर दिया था कि वे जल्द ही सभी आरोपों का जवाब देंगे. अब रक्षामंत्री ने यह स्पष्ट रूप से स्वीकारा है कि हेलीकॉप्टर सौदे में भ्रष्टाचार हुआ था.