पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >बहस >अमरीका Print | Share This  

अमरीका के गर्भवती पुरुष को तलाक नहीं

अमरीका के गर्भवती पुरुष को तलाक नहीं

एरिजोना. 30 मार्च 2013 बीबीसी

थॉमस बिटी


अमरीका के एरिजोना प्रांत की एक अदालत ने एक ट्रांसजेंडर पुरुष के तलाक के आवेदन को अस्वीकार कर दिया है. इस ट्रांसजेंडर ने तीन बच्चों को जन्म दिया था. न्यायाधीश का कहना है कि इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि थॉमस बिटी की जब शादी हुई थी तब वह पुरुष थे. राज्य में समलैंगिक शादी पर प्रतिबंध है.

कई दशकों तक पुरुष के तौर पर रह रहे बिटी ने वर्ष 2008 में सबसे पहली बार एक बेटी को जन्म दिया. वह तीन बार गर्भवती हुए. वह कानूनी तौर पर पुरुष हैं लेकिन उन्होंने अपने महिला प्रजनन अंगों के जरिये बच्चों को जन्म दिया क्योंकि उनकी पत्नी बच्चे को जन्म देने में सक्षम नहीं थीं.

बिटी के प्रवक्ता का कहना है कि न्यायाधीश के फैसले से उन्हें झटका लगा है. उन्होंने कहा कि उनका मुवक्किल अपनी गर्लफ्रेंड से शादी करना चाहता है इसलिए उसने आदेश के खिलाफ अपील करने की योजना बनाई है. बिटी के प्रवक्ता का कहना है कि यहां के जज दूसरे राज्य की शादियों को मान्यता नहीं देते हैं.

अपने अदालती फरमान में न्यायाधीश ने लिखा कि युगल यह साबित नहीं कर पाए कि बिटी की जब शादी हो रही थी तब वह एक पुरुष थे. उन्होंने लिखा, “यह फैसला इस निष्कर्ष पर आधारित नहीं है कि इस युगल में से एक ट्रांसजेंडर पुरुष है, इस वजह से यह मामला समलैंगिंक शादी से जुड़ गया है.”

बिटी ने 1979 में टेस्टोस्टरोन लेना शुरू किया था और 2008 में उनकी छाती का दो बार ऑपरेशन हुआ था. उसी वक्त उनके जन्म प्रमाणपत्र को बदलकर पुरुष कर दिया गया था.बिटी और उनकी पत्नी नैंसी ने एक साल बाद हवाई में शादी कर ली.

बिटी के प्रवक्ता का कहना है कि 39 साल के बिटी ने एक पुरुष के तौर पर कानूनी शादी की. जब उन्होंने हवाई में एक पुरुष के तौर पर जन्म प्रमाणपत्र पाने के लिए आवेदन किया तो उन्हें यह खुलासा करने की जरूरत भी नहीं थी कि उनके पास महिला प्रजनन अंग हैं.

जब बिटी को यह पता चला कि उनकी पत्नी मां नहीं बन सकती तो उन्होंने टेस्टोस्टेरोन इलाज को रोक दिया ताकि वह अपने बच्चे को जन्म दे सकें. दिसंबर में एरिजोना रिपब्लिक को बिटी ने कहा, “मैं सामाजिक, कानूनी, मनोवैज्ञानिक और शारीरिक तौर पर एक व्यक्ति हूं.” वहीं नैंसी बिटी के वकील ने कहा कि न्यायाधीश का फैसला पूरा था लेकिन यह वह ऐसा फैसला नहीं था जिसकी उम्मीद उनकी पत्नी कर रही थीं.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in