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नोवार्टिस एजी की पेटेंट याचिका खारिज

नोवार्टिस एजी की पेटेंट याचिका खारिज

नई दिल्ली. 1 अप्रैल 2013

novartis


उच्चतम न्यायालय ने स्विट्जरलैंड की दवा निर्माता कंपनी नोवार्टिस एजी की पेटेंट याचिका को खारिज कर दिया है. कंपनी ने रक्त कैंसर की दवा ग्लिवेक का भारतीय पेटेंट हासिल करने और भारतीय कंपनियों को इस दवा के उत्पादन से रोकने के लिए के लिए यह याचिका दायर की थी. सोमवार को मामले पर अपना फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पेटेंट ट्रिब्यूनल का फैसला बरकरार रखते हुए याचिका खारिज कर दी

अपने फैसले में उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि एक ही दवा के लिए दो बार पेटेंट नहीं कराया जा सकता है.  न्यायालय के अनुसार ग्लिवेक ने पेटेंट एक्ट के तहत इनोवेशन टेस्ट पास नहीं किया है और न ही इस दवा पर पेटेंट मामलों का सेक्शन 3(डी) लागू होता है.

उच्चतम न्यायालय के इस फैसले से भारत में दूसरी कंपनियां भी ब्लड कैंसर की दवा ग्लिवेक बना सकेंगी और बाजार में इससे हुई प्रतिस्पर्धा के चलते यह दवा मरीजों को सस्ती मिल सकती है.  उल्लेखनीय है कि नोवार्टिस एजी द्वारा उत्पादित ग्लिवेक का 1 महीने का डोज 1 लाख रुपये से ज्यादा कीमत का है वहीं इसके जेनरिक वर्जन का 1 महीने का डोज 10,000 रुपये के आसपास है.
 


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