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मोदी के लोकायुक्त पर कांग्रेस गरम

मोदी के लोकायुक्त पर कांग्रेस गरम

अहमदाबाद. 2 अप्रैल 2013

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी


गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा राज्य विधानसभा के समक्ष पेश लोकायुक्त विधेयक संशोधन बिल पर विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है. कांग्रेस का कहना है कि किसी भी हालत में इस बिल को पास नहीं होने दिया जाएगा साथ ही इसके विरोध में आंदोलन की चेतावनी भी दी है. कांग्रेस का कहना है कि इस तरह से लोकायुक्त का चयन कर मोदी सरकार अपने सारे भ्रष्टाचारों पर पर्दा डालना चाहती है.

मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए संशोधित बिल के अनुसार राज्य में एक लोकायुक्त के अलावा चार उप लोकायुक्त हो सकते हैं. साथ ही लोकायुक्त के चयन के लिए एक कमिटी बनाई जाएगी जिसकी अध्यक्षता राज्य के मुख्यमंत्री करेंगे. समिति में मुख्यमंत्री के अलावा विधानसभा अध्यक्ष, विपक्ष के नेता या फिर अध्यक्ष की ओर से नामित कोई विपक्षी विधायक, एक हाईकोर्ट जज और विजिलेंस कमिश्नर सदस्य होंगे.

इसके साथ ही संशोधित बिल में लोकायुक्त के संबंध में राज्यपाल की अधीन आने वाली शक्तियों को खत्म करते हुए चयन को सिर्फ समिति की सिफारिशों के आधार पर ही सीमित कर दिया है. अब लोकायुक्त चयन प्रक्रिया में समिति जिस नाम को सुझाएगी उस पर आखिरी फैसला चयन समिति के अध्यक्ष यानी मुख्यमंत्री करेंगे. इसके बाद उस नाम को गुजरात हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पास भेजा जाएगा और बाद मे राज्यपाल उस पर मुहर लगाएंगे.

यानी इस बिल का सीधा मतलब ये हुआ कि अब राज्य के लोकायुक्त के चयन में अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री के हाथ में होगा और राज्यपाल की भूमिका केवल इन सिफारिशों पर मुहर लगाने तक ही सीमित हो जाएगी.