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सुप्रीम कोर्ट ने तय की लालबत्ती की पात्रता

सुप्रीम कोर्ट ने तय की लालबत्ती की पात्रता

नई दिल्ली. 4 अप्रैल 2013

उच्चतम न्यायालय


सुप्रीम कोर्ट ने लाल बत्ती और सायरनों के बेजा इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए इसे संवैधानिक पदाधिकारियों, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस और सेना तक ही सीमित करने की सलाह दी है. न्यायालय ने कहा है कि सरकारी और निजी वाहनों पर सायरनों के प्रयोग को सीमित किया जाना चाहिए जिससे कि आम आदमी सडक पर आसानी से आवागमन कर सके.

केंद्र और राज्य सरकारों को सुझाव दिया है कि वें इनके दुरुपयोग को रोकने के लिए कुछ कदम उठाए. उत्तरप्रदेश के एक रहवासी द्वारा राज्य में सायरन के दुरुपयोग को लेकर लगाई गई एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस जी.एस.संघवी की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र और राज्य सरकारों को संबंधित नियमों पर पुनर्विचार करने को कहा.

लालबत्तीयों और सायरनों को स्टेटस सिंबल के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर तल्खी दिखाते हुए पीठ ने कहा कि आपका स्तर लालबत्ती वाली गाड़ियों में घूमने से नहीं बल्कि अच्छा काम करने से ऊंचा होता है. पीठ ने कहा कि यदि इनका प्रयोग सीमित किया जाता है तो ये आम आदमी और बाकी अन्य को एक स्तर पर लाने का कार्य करेगा.


 


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