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काटजू ने बताया मीडिया को हनुमान

काटजू ने बताया मीडिया को हनुमान

हैदराबाद. 7 अप्रैल 2013

मार्कंडेय काटजू


अपने विवादास्पद बयानों के लिये सुर्खियों में रहने वाले प्रेस परिषद के अध्यक्ष जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने कहा है कि मीडिया में बहुत ताकत है और वह चाहे तो बहुत कुछ कर सकता है. उन्होंने कहा कि मीडिया हनुमान की तरह है.

अखिल भारतीय लघु और मध्यम अखबार फेडरेशन द्वारा आयोजित 'वर्तमान पत्रकारिता में अनैतिक प्रवृत्तियां' विषय पर बोलते हुये उन्होंने मीडिया को हनुमान बताते हुये कहा कि कोई ऐसी चीज नहीं है जो मीडिया नहीं कर सकता. मीडिया बहुत शक्तिशाली है. आप भारतीय जनता की सेवा के लिए है. यह मीडिया का धर्म है. मैं जामवंत की तरह हूं, जो आपको आपके कर्तव्य और अधिकार की याद दिलाता हूं.

जस्टिस काटजू ने कहा कि पत्रकारों के लिए न्यूनतम योग्यता का निर्धारण करने के लिए एक समिति नियुक्त करना जरुरी है, जिससे इस पेशे की गुणवत्ता बनी रहे. उन्होंने पत्रकारिता में भष्टाचार के मुद्दे पर कहा कि केवल पत्रकारों पर ही क्यों आरोप लगाया जाए. अनैतिक प्रवृत्तियां न केवल पत्रकारिता बल्कि हर क्षेत्र में है. पत्रकारों को बहुत कम तनख्वाह मिलती है. हर जगह भ्रष्टाचार है. ऐसे में मीडिया की भूमिका और बढ़ जाती है.

जस्टिस काटजू ने कहा कि भारत बदलाव के दौर से गुजर रहा है. जैसा 19 वीं शताब्दी में पश्चिमी यूरोप गुजर रहा था. अगले 15-20 साल भारत में मुश्किल भरे होने जा रहे हैं. भारतीय मीडिया को यूरोपीय मीडिया की भांति भूमिका निभानी चाहिए ताकि भारत आधुनिक और औद्योगिक समाज के रूप में तब्दील हो सके.


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