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भारद्वाज की हत्या में बेटे का हाथ

भारद्वाज की हत्या में बेटे का हाथ

नई दिल्ली. 9 अप्रैल 2013

दीपक भारद्वाज


दिल्ली के कारोबारी और बसपा नेता दीपक भारद्वाज की हत्या उनके बेटे नितेश भारद्वाज ने ही कराई थी. पुलिस का कहना है कि नितेश भारद्वाज इस बात से नाराज था कि उसके पिता अपनी संपत्ति का खुद तो उपभोग कर रहे थे लेकिन अपने बेटे और पत्नी को एक अपार्टमेंट के फ्लैट में रख छोड़ा था. नितेश को इस बात का भी शक था कि कहीं वह अपनी संपत्ति अपनी एक महिला मित्र को न दे दें.

गौरतलब है कि पुलिस ने अरबपति कारोबारी और बसपा नेता दीपक भारद्वाज की हत्या का मामला जल्दी ही सुलझाने का दावा किया है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि स्कोडा कार में 3 हमलावर आये और उन्होंने अपने फार्महाउस में बैठे दीपक भारद्वाज को गोली मार दी. दीपक की मौके पर ही मौत हो गई थी.

2009 में दीपक भारद्वाज ने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था और 600 करोड़ की अपनी संपत्ति बता कर सबसे रईस उम्मीदवार के रुप में चर्चित हुये थे. स्टेनोग्राफर से इतने बड़े कारोबारी बने दीपक भारद्वाज जमीन-जायदाद के धंधे में लिप्त थे. उनकी हत्या के बाद इससे पहले कुछ महिलाओं का नाम सामने आया था.

दीपक भारद्वाज की हत्या के मामले में उनकी पत्नी रमेश कुमारी ने दीपक की गर्लफ्रेंड को जिम्मेवार ठहराया था. वहीं दीपक भारद्वाज की महिला मित्र ने इसके लिये पत्नी औऱ बेटे को जिम्मेवार ठहराया था. उसका कहना था कि दीपक की पत्नी और बेटा उनके रिश्तों की वजह से काफी नाराज थे. मां-बेटे को आशंका थी कि दीपक अपनी करोड़ों की प्रॉपर्टी इस महिला को न दे दें. महिला का आरोप था कि इसी कारण दीपक की हत्या कराई गई है.

पुलिस ने महिला मित्र के इसी आरोप पर काम करना शुरु किया और अंततः दीपक भारद्वाज के बेटे को गिरफ्तार कर लिया. इस मामले में प्रापर्टी डीलिंग करने वाले वकील बलजीत सिंह सहरावत को भी गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि दीपक ने वकील से 6 करोड़ में पिता की हत्या का अनुबंध किया. वकील ने स्वामी प्रतिभानंद को दो करोड़ में सुपारी दी. स्वामी ने दीपक भारद्वाज के मर्डर करने के बदले दीपक को एक करोड़ रुपये की पेशकेश की. दीपक तैयार हो गया. उसने अपने साथी सुनील को 30 लाख की सुपारी मिलने की बात बताई और उसके बाद इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया.

पुलिस के अनुसार नितेश को अपने पिता की हत्या का अफसोस नहीं है. उसका कहना है कि उसके पिता उसकी मां और दोनों भाइयों का कोई ख्याल न कर दूसरी महिलाओं के साथ वक्त बिताते थे. वह खुद 30 एकड़ के फार्म हाउस में रहते थे और नितेश व परिवार को मल्टिस्टोरी बिल्डिंग के एक फ्लैट में रहना पड़ रहा था. नितेश को यह खतरा था कि उसके पिता अपनी हजारों करोड़ की प्रॉपर्टी का बड़ा हिस्सा अपनी महिला मित्र को दे सकते हैं.


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