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मुशर्रफ को नहीं किसी का डर

मुशर्रफ को नहीं किसी का डर

इस्लामाबाद. 9 अप्रैल 2013

परवेज मुशर्रफ


पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि उन्हें पाकिस्तान की अदालतों पर पूरा यकीन है. मुशर्रफ ने कहा है कि उन्हें चुनाव लड़ने से रोकने की कोशिश कामयाब नहीं होगी और पाकिस्तान में वे सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. उन्होंने कहा कि मैं परेशान हूं लेकिन मुझे किसी से डर नहीं लगता.

परवेज मुशर्रफ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे अफने मुल्क में चुनाव लड़ने के लिये आये हैं और अदालत ने अगर मेरे बाहर जाने पर रोक लगा दी है तो इससे मुझ पर कोई फर्क नहीं पड़ता. चुनाव में हिस्सा लेने 4 साल बाद पाकिस्तान लौटे मुशर्रफ़ की चितराल से उम्मीदवारी मंज़ूर हो गई है. लेकिन उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला शुरु हो गया है और उनके विदेश जाने पर रोक लगा दी गई है.

मुशर्रफ ने कहा कि संविधान के हिसाब से तो मेरे ऊपर ऐसा कोई भी मामला नहीं बनता कि मेरा नामांकन रद्द किया जाए, फिर भी हुआ है. मुशर्रफ ने कहा कि जहां से मेरे नामांकन रद्द हुए हैं उन्हें मैं चुनौती दूंगा. वहां मैं जाऊंगा भी.

गौरतलब है कि जनरल परवेज मुशर्रफ ने 1998 में नवाज शरीफ का तख्ता पलट कर पाकिस्तान की सत्ता पर कब्जा किया था और लगातार उन्होंने 2008 तक पाकिस्तान पर शासन किया. इससे पहले 2001 में मुशर्रफ ने खुद को पाकिस्तान का राष्ट्रपति घोषित कर दिया था. लेकिन 2008 में देश में बनते राजनीतिक दबाव के कारण वे पाकिस्तान से खुद ही निर्वासित हो कर लंदन और दुबई में रह रहे थे. वे पिछले महीने ही पाकिस्तान लौटे हैं और पाकिस्तान के चुनाव में भाग ले रहे हैं.