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ममता कांड पर राज्यपाल नाराज

ममता कांड पर राज्यपाल नाराज

कोलाकाता. 10 अप्रैल 2013

ममता बनर्जी


ममता बनर्जी के साथ हुये दुर्व्यवहार पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एमके नाराणयन ने नाराजगी जताई है. राज्यपाल की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज में कहा गया कि राष्ट्रीय राजधानी में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और दूसरे मंत्रियों पर हुआ अफसोसजनक और पूर्वनियोजित हमला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों पर एक धब्बा है. इस वाकये की तीखे से तीखे शब्दों में निंदा की जानी चाहिए. जो हमले के लिए ज़िम्मेदार हैं और जिन लोगों ने उन्हें उकसाया, वे एक लोकतांत्रिक चौखटे के भीतर काम करने का हक खो चुके हैं.

राज्यपाल ने कहा है कि लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री और उनके मंत्रियों पर हुआ इस तरह का हमला भारत के आधुनिक इतिहास में अपूर्व है और इतना गंभीर है कि इस पर सीपीएम के पोलित ब्यूरो को आम माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं तृणमूल के कार्यकर्ताओं और पश्चिम बंगाल के सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि वे शांति बनाए रखें और भावनाओं में न बहें.

इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ-साथ वित्त मंत्री पी चिदंबरम से भी अपनी मुलाकात रद्द करते हुये कोलकाता लौटने का ऐलान कर दिया. इससे पहले उन्होंने केंद्र सरकार और दिल्ली पर जम कर निशाना साधा.

ममता बनर्जी ने राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा और खुद के साथ हुई बदसलूकी पर कहा कि मैं दिल्ली आउंगी लेकिन दिल्ली सुरक्षित नहीं है. उन्होंने कहा कि अमित मित्रा ही नहीं मेरे साथ भी बदसलूकी हुई. इस हमले में बाहरी लोग शामिल थे और सीपीएम के लोगों ने बदसलूकी और हंगामा किया. मैं रात भर ऑक्सीजन पर रही.

हमले के बाद सीपीएम द्वारा माफी मांगे जाने को उन्होंने अभिनय बताया और कहा कि यह सीपीएम का दोहरा रवैया है, पहले हमला करवाया अब अफसोस जता रहे हैं. ये सब साजिश के तहत हुआ है. हमले के वक्त पुलिस वालों ने भी गेट नहीं खोला. पुलिस ने कहा कि उनके पास चाबी नहीं है.

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते कोलकाता में पुलिस की हिरासत में हुई एसएफआई के एक कॉमरेड सुदीप्ता गुप्ता की मौत को लेकर ममता बनर्जी और वित्त मंत्री अमित मित्रा दिल्ली में माकपा और उसकी छात्र इकाई एसएफआई के कार्यकर्ताओं के गुस्से का शिकार हुए थे. योजना भवन के बाहर तैनात एसएफआई समर्थकों ने उन्हें घेर लिया. उनके साथ बदसलूकी की गई, उन्हें धक्का दिया गया, उन्होंने बचने की कोशिश की, लेकिन साथ में चल रहे पुलिसवाले जैसे मूक दर्शक बने रहे. देखते ही देखते अमित मित्रा के आगे बढ़ने के रास्ते तक बंद कर दिए गए. यहां तक कि उनका कुर्ता भी फाड़ दिया गया.

इधर पुलिस का कहना है कि ममता बनर्जी को बार-बार वीआईपी गेट से अंदर आने के लिये कहा गया लेकिव वे उसी गेट से अंदर जाने के लिये अड़ गईं, जहां उनके खिलाफ एसएफआई के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे. ममता ने किसी की नहीं सुनी और प्रदर्शनकारियों के सामने ही चली गईं. इधर इस घटना के बाद बंगाल में माकपा के कई कार्यालयों और माकपा नेताओं के घर हमले की खबर है.