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सिस्टम की कमियों ने ली सविता की जान

सिस्टम की कमियों ने ली सविता की जान

लंदन. 11 अप्रैल 2013

Savita Halappanwar


गर्भपात की अनुमति नहीं मिलने के कारण मौत का शिकार हुईं सविता हलप्पानवर की चिकित्सक कैथरीन एस्टबरी ने माना है कि सिस्टम की गड़बड़ियों के चलते सविता की मौत हुई. गैलवे कोर्ट द्वारा सोमवार से दोबारा शुरु की गई जाँच के दौरान मामले के बारे में पूछे जाने पर एस्टबरी ने कहा कि गैलवे यूनिवर्सिटी अस्पताल में सविता की जाँच के समय कई स्तरों पर खामियां हुईं.

इलाज के दौरान व्यवस्थागत कमियों को स्वीकारते हुए डॉ. एस्टबरी ने कहा कि भले ही उन्हें सविता के रक्त परीक्षण की असामान्य स्थिति के संबंध में जानकारी नहीं थी लेकिन भ्रूण झिल्ली फटने के बाद मरीज की हालत की जांच बेहतर तरीके से की जानी चाहिए थी.

सविता के गर्भपात के संबंध में डॉ. एस्टबरी ने बताया है कि उन्होंने यह जरूर कहा था कि चूंकि भ्रूण में अभी भी जान है इसीलिए इस देश में मैं इसका गर्भपात नहीं कर सकती. लेकिन उन्होंने इसके पीछे कैथोलिक धर्म के कानूनों का वास्ता दिए जाने से इंकार करते हुए कहा कि इस दौरान मैंने कभी भी धर्म का नाम ही नहीं लिया था.

उल्लेखनीय है कि भारतीय मूल की आयरिश डेंटिस्ट सविता हलप्पानवर की पिछले साल 28 अक्टूबर को उस समय मौत हो गई थी, जब चिकित्सकों ने उनका गर्भपात करने से इंकार कर दिया. चिकिक्तसकों पर आरोप है कि आयरलैंड के कैथोलिक देश होने का वास्ता देकर उन्होंने गर्भपात करने से मना कर दिया. इस चलते सविता की तबीयत बिगड़ गई और घाव बढ़ने के कारण हुए ह्दयघात से उनकी मृत्यु हो गई थी.